अमरेली, 26 जून (भाषा) शेरों के हमले सहित मानव-वन्यजीव संघर्ष की बढ़ती घटनाओं के बीच गुजरात के मंत्री अर्जुन मोढवाडिया ने शुक्रवार को अमरेली जिले में एक पीड़ित के परिवार से मुलाकात की और आश्वासन दिया कि ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सरकार एक मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) तैयार करेगी।
दो दिन पहले खंभा तालुका के चतुरी गांव में एक शेर के हमले में पांच वर्षीय एक बच्चे की मौत हो गई थी। शेर ने बच्चे पर हमला उस समय किया था जब वह ने अपने दादा के साथ जा रहा था।
इस घटना के बाद व्यापक विरोध प्रदर्शन हुए और ग्रामीणों ने बच्चे का शव लेने से इनकार कर दिया था। हालांकि प्रशासन द्वारा समझाने-बुझाने के बाद वे मान गये।
जूनागढ़ में 15 जून की रात एक स्थानीय रेस्तरां में काम करने वाले उत्तराखंड के 25 वर्षीय युवक पर भी शेर ने हमला कर दिया था। हमले में युवक की मौत हो गयी थी, जिसके कुछ दिन बाद यह घटना हुई।
मोढवाडिया ने पीड़ित परिवार से मुलाकात करके उन्हें सांत्वना दी। उन्होंने पत्रकारों से बातचीत में कहा, “सामान्य तौर पर शेर कभी मनुष्यों पर हमला नहीं करते इसलिए यह बेहद असामान्य घटना है। हम वन अधिकारियों के साथ इस मामले का अध्ययन और चर्चा करके यह सुनिश्चित करने की पूरी कोशिश करेंगे कि भविष्य में इस तरह का मानव-वन्यजीव संघर्ष न हो। इसके लिए दीर्घकालिक और अल्पकालिक योजनाओं के साथ एक मजबूत मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) तैयार की जाएगी, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।”
मंत्री ने इस घटना को ‘असामान्य’ बताते हुए कहा कि शेर स्वाभाविक रूप से मनुष्यों पर हमला नहीं करते हैं। मोढवाडिया ने कहा कि मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने इस घटना पर चिंता व्यक्त की और उन्हें गांव जाकर ग्रामीणों से मिलने तथा स्थिति का जायजा लेने के लिए कहा था।
भाषा जितेंद्र अमित
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