सरकार का उद्देश्य लोगों को ‘धर्मस्थल’ मामले के तथ्यों से अवगत कराना: डीके शिवकुमार
सरकार का उद्देश्य लोगों को ‘धर्मस्थल’ मामले के तथ्यों से अवगत कराना: डीके शिवकुमार
बेंगलुरु, 27 सितंबर (भाषा) कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने शनिवार को कहा कि सरकार का एकमात्र उद्देश्य ‘धर्मस्थल’ में कई महिलाओं से दुष्कर्म, हत्या और शवों को दफनाने के आरोपों से जुड़े तथ्यों से लोगों को अवगत कराना है। धर्मस्थल मंदिर के धर्माधिकारी वीरेंद्र हेगड़े ने शुक्रवार को एक बयान में मामले की जांच के लिए विशेष जांच दल (एसआईटी) के गठन के लिए सरकार का आभार व्यक्त किया था और कहा था इसी के कारण सच्चाई सामने आ रही है।
शिवकुमार, हेगड़े के बयान पर प्रतिक्रिया दे रहे थे।
शिवकुमार ने एक सवाल के जवाब में कहा, “एसआईटी जांच रिपोर्ट आने दीजिए। मैंने मीडिया में उनका (वीरेंद्र हेगड़े का) बयान देखा है। अंतिम रिपोर्ट आने तक इस मामले पर बोलने का कोई मतलब नहीं है। लोग राजनीतिक रूप से बोल सकते हैं, लेकिन सरकार का हिस्सा होने के नाते मैं ऐसा नहीं कर सकता। रिपोर्ट आने के बाद गृह मंत्री या मुख्यमंत्री आधिकारिक बयान देंगे।”
उन्होंने यहां पत्रकारों से कहा कि सरकार का उद्देश्य लोगों को तथ्यों से अवगत कराना है।
एक शिकायतकर्ता ने पिछले दो दशकों में धर्मस्थल में कई शवों को दफनाने का दावा किया था, जिनमें उन महिलाओं के शव भी शामिल थे, जिनसे दुष्कर्म किया गया था।
बाद में शिकायतकर्ता की पहचान सीएन चिन्नैया के रूप में हुई थी और उसे झूठी गवाही के आरोप में गिरफ्तार किया गया।
उच्चतम न्यायालय द्वारा धर्मस्थल मामले में शिकायतकर्ता और उसका साथ देने वाले लोगों द्वारा दायर रिट याचिका को मई में खारिज किए जाने की खबरों के बारे में पूछे गए एक सवाल पर शिवकुमार ने कहा, “मैं अभी इस पर कोई टिप्पणी नहीं करना चाहता। हमें पता है कि उन्होंने इसे एक जनहित याचिका के रूप में पेश करते हुए शीर्ष अदालत का दरवाजा खटखटाया था और अदालत ने उन्हें फटकार लगाकर वापस भेज दिया था। वे कथित तौर पर एक खोपड़ी भी दिल्ली ले गए थे, हमें इसकी जानकारी है। यह (तथ्य) बात विभाग (एसआईटी जांच) से सामने आने दीजिए।”
भाषा जितेंद्र रंजन
रंजन

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