गुजरात: एक महीने में जंगलों से पकड़े गए 30 शेर
गुजरात: एक महीने में जंगलों से पकड़े गए 30 शेर
गांधीनगर, 30 जून (भाषा) गुजरात में स्थानीय लोगों और शेरों के संघर्ष की घटनाओं के मद्देनजर जून में अलग-अलग वन क्षेत्रों से कम से कम 30 शेरों को पकड़ा गया। वन विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने मंगलवार को यह जानकारी दी।
गुजरात के प्रधान मुख्य वन संरक्षक जयपाल सिंह ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया, “जहां भी मानव-शेर संघर्ष होता है, वहां शेरों को पहले पकड़ा जाता है और अगर वे आदमखोर नहीं होते तो फिर उन्हें छोड़ दिया जाता है। इस महीने अलग-अलग वन क्षेत्रों से लगभग 30 शेर पकड़े गए हैं।”
उन्होंने बताया कि शेरों को महुवा, बगसरा, खम्भा और राजुला जैसे संघर्ष वाले इलाकों से पकड़ा गया है।
सिंह ने बताया, “इनमें से लगभग पांच से छह शेरों के आदमखोर होने के संदेह में कैद कर के रखा गया है जबकि बाकी शेरों को जंगल में छोड़ दिया गया।”
अमरेली जिले में 16 जून को एक रेस्तरां में काम करने वाले 25 वर्षीय एक व्यक्ति पर शेर ने हमला कर दिया था।
हमले में व्यक्ति की मौत हो गयी थी।
कुछ दिनों बाद, खम्भा तालुका के चतूरी गांव में अपने दादा के साथ टहल रहे पांच वर्षीय एक बच्चे की शेर के हमले में मौत हो गई थी।
इस बीच, वन्यजीव फोटोग्राफर और शेर विशेषज्ञ भूषण पांड्या ने बताया, “बड़ी संख्या में शेरों को पकड़ा जाना चिंता की बात है। इस कार्रवाई में उन शेरों को भी निशाना बनाया जा रहा है जो किसी भी संघर्ष में शामिल नहीं रहे हैं। अगर ऐसे शेरों को जीवन भर कैद में रखा जाता है या गिर जंगल के उन हिस्सों में छोड़ा जाता है जहां पहले से ही दूसरे शेर मौजूद हैं, तो इससे गंभीर क्षेत्रीय संघर्ष और अतिरिक्त पारिस्थितिक समस्याएं पैदा हो सकती हैं।”
उन्होंने बताया कि इस स्थिति के लिए वैज्ञानिक और तथ्य आधारित समाधान की जरूरत है।
भाषा प्रचेता जितेंद्र
जितेंद्र

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