वसूली के आरोप में आप नेता गिरफ्तार, विपक्ष ने की आलोचना

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गुजरात : वसूली के आरोप में आप नेता गिरफ्तार, विपक्ष ने की आलोचना

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  • Publish Date - April 22, 2023 / 11:55 AM IST,
    Updated On - April 22, 2023 / 12:44 PM IST

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भावनगर  : गुजरात पुलिस ने दो लोगों से एक करोड़ रुपये वसूलने के आरोप में भावनगर में आम आदमी पार्टी (आप) के नेता युवराजसिंह जडेजा को गिरफ्तार किया है। एक अधिकारी ने बताया कि जिन दो लोगों से कथित तौर पर वसूली की गयी है उनमें से एक पर डमी उम्मीदवार गिरोह का मास्टरमाइंड होने का आरोप है जिसका हाल में पर्दाफाश किया गया। उन्होंने बताया कि आप की युवा इकाई के नेता जडेजा को पुलिस द्वारा घंटों की पूछताछ के बाद शुक्रवार रात को गिरफ्तार कर लिया गया। जडेजा को इस महीने की शुरुआत में कथित डमी उम्मीदवार गिरोह का खुलासा करने का श्रेय जाता है।

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भावनगर के पुलिस महानिरीक्षक गौतम परमार ने बताया कि जडेजा ने डमी उम्मीदवार गिरोह में कथित संलिप्तता को लेकर उनके नामों का एक संवाददाता सम्मेलन में खुलासा न किए जाने के बदले में मामले के कथित मास्टरमाइंड प्रकाश दवे से 45 लाख रुपये और प्रदीप बरैया से 55 लाख रुपये वसूले। जडेजा की गिरफ्तारी के बाद आप के साथ ही कांग्रेस ने प्रश्न पत्र लीक और सरकारी नौकरियों के लिए भर्ती में डमी उम्मीदवार मामलों का पर्दाफाश करने के लिए उन्हें निशाना बनाने को लेकर सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की आलोचना की। जडेजा ने डमी उम्मीदवार गिरोह के मामले पर पांच अप्रैल को गांधीनगर में एक संवाददाता सम्मेलन किया था। उन्हें आपराधिक प्रक्रिया संहिता (सीआरपीसी) की धारा 161 के तहत समन जारी कर मामले में पूछताछ के लिए विशेष जांच दल के समक्ष पेश होने को कहा गया। परमार ने बताया कि पुलिस द्वारा पूछताछ के बाद जडेजा और उनके सहायक के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धाराओं 386 (मौत या चोट का डर दिखाकर किसी व्यक्ति से पैसे ऐंठना), 388 (धमकी देकर पैसे ऐंठना) और 120 बी (आपराधिक साजिश) में शहर के नीलमबाग थाने में एक प्राथमिकी दर्ज की गयी।

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मामले की जानकारी के अनुसार, 25 मार्च को जडेजा के सहायक ने एक डमी उम्मीदवार का वीडियो बनाया था। उन्होंने प्रकाश दवे को वीडियो दिखाया और उससे कहा कि अगर वह मामले में अपने नाम का खुलासा नहीं होने देना चाहता तो 70 लाख रुपये का इंतजाम करे। बाद में 45 लाख रुपये में सौदा तय हुआ। पुलिस ने बताया कि बरैया को अपना नाम सामने आने से रोकने के लिए 60 लाख रुपये देने को कहा गया और बाद में 55 लाख रुपये देने पर सहमति बनी। पुलिस ने आरोप लगाया कि जडेजा ने अपने सहायक के जरिए पैसा इकट्ठा किया।