अहमदाबाद, आठ अप्रैल (भाषा) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की गुजरात इकाई ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे द्वारा गुजरातियों को ‘‘अशिक्षित’’ कहे जाने संबंधी टिप्पणी को लेकर उनके खेद व्यक्त करने का बुधवार को स्वागत किया, लेकिन उनकी प्रतिक्रिया में देरी पर सवाल उठाया और चुनावी राज्य असम में उनके द्वारा की गई एक अन्य विवादास्पद टिप्पणी का भी मुद्दा उठाया।
भाजपा की गुजरात इकाई के मुख्य प्रवक्ता डॉ. अनिल पटेल ने कहा कि खरगे की माफी ‘‘अच्छी बात’’ है और इसका स्वागत किया जाना चाहिए।
पटेल ने कहा, ‘‘आदरणीय खरगे जी का व्यक्तित्व ऐसा नहीं है कि वह इस तरह का बयान दें। मैंने पहले भी कहा था कि शायद उन्होंने (कांग्रेस सांसद) राहुल गांधी के दबाव में आकर इस तरह का बयान दिया होगा। लेकिन उन्होंने आज सार्वजनिक रूप से माफी मांग ली है। वह एक अत्यंत सम्मानित व्यक्ति हैं।’’
हालांकि, भाजपा की गुजरात इकाई के मुख्य प्रवक्ता ने केरल विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान 5 अप्रैल को दिए गए विवादास्पद बयान के लिए खरगे के खेद व्यक्त करने में हुई देरी पर सवाल उठाया।
गांधीनगर में पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने सवाल किया, ‘‘अगर उनका इरादा गुजरात के लोगों की भावनाओं को ठेस पहुंचाना नहीं था, तो उन्होंने उसी दिन माफी क्यों नहीं मांगी?’’
खरगे ने रविवार को केरल में विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान दिये गए भाषण में गुजरात के लोगों को ‘‘अशिक्षित’’ बताया था और कहा था कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी उन्हें ‘बेवकूफ’ बना रहे हैं।
उन्होंने बुधवार को ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘हाल ही में केरल में दिए गए मेरे एक चुनावी भाषण की कुछ टिप्पणियों को जानबूझकर गलत तरीके से पेश किया जा रहा है। फिर भी, मैं अपनी तरफ से जिम्मेदारी के साथ खेद व्यक्त करता हूं। गुजरात के लोगों के प्रति मेरे मन में सर्वोच्च सम्मान रहा है और हमेशा रहेगा। वहां के लोगों की भावनाओं को आहत करना मेरा कभी उद्देश्य नहीं था।’’
पटेल ने पूर्वोत्तर राज्य असम में विधानसभा चुनावों से पहले सोमवार को एक कार्यक्रम में खरगे द्वारा दिए गए एक अन्य विवादास्पद बयान का भी जिक्र किया।
उन्होंने पूछा, ‘‘महज दो दिन पहले, उन्होंने असम में बयान दिया था कि ‘आरएसएस और भाजपा जहरीले सांपों की तरह हैं और कुरान में लिखा है कि नमाज के दौरान भी अगर आपको कोई जहरीला सांप दिखे तो उसे मार देना चाहिए।’ मैं आदरणीय खरगे जी से एक सवाल पूछना चाहता हूं: इस (सांप वाले बयान) पर आपका क्या कहना है?’’
भाषा सुभाष माधव
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