गुजरात सरकार ने जन सेवाओं को सरल बनाने के लिए पेश किया ‘सार्वभौमिक शपथ पत्र’ प्रारूप

गुजरात सरकार ने जन सेवाओं को सरल बनाने के लिए पेश किया 'सार्वभौमिक शपथ पत्र' प्रारूप

गुजरात सरकार ने जन सेवाओं को सरल बनाने के लिए पेश किया ‘सार्वभौमिक शपथ पत्र’ प्रारूप
Modified Date: June 1, 2026 / 10:21 pm IST
Published Date: June 1, 2026 10:21 pm IST

अहमदाबाद, एक जून (भाषा) गुजरात सरकार ने राज्यभर में सार्वजनिक सेवाओं का लाभ लेने के लिए एक मानकीकृत ‘‘सार्वभौमिक शपथ पत्र’’ प्रारूप लागू करने की सोमवार को घोषणा की। यह उन मामलों में इस्तेमाल किया जाएगा, जहां किसी कानून या नियम के तहत शपथ पत्र का कोई विशेष प्रारूप निर्धारित नहीं है।

एक आधिकारिक विज्ञप्ति में कहा गया है कि मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के नेतृत्व में सरकार द्वारा नागरिक सेवाओं को सरल बनाने के प्रयासों के तहत राज्य के विधि विभाग द्वारा यह निर्णय लिया गया है।

इसमें कहा गया, ‘‘पहले नागरिकों को विभिन्न सरकारी विभागों द्वारा दी जाने वाली योजनाओं और सेवाओं का लाभ उठाने के लिए अलग-अलग शपथ पत्र जमा करने पड़ते थे, जिससे असुविधा, देरी और प्रक्रियात्मक जटिलताएं उत्पन्न होती थीं। सार्वभौमिक शपथ पत्र लागू होने से अलग-अलग शपथ पत्रों की परेशानी समाप्त हो गई है।’’

सरकार ने कहा कि जिन मामलों में कानूनी रूप से शपथ पत्र की आवश्यकता होती है, लेकिन कोई विशिष्ट प्रारूप निर्धारित नहीं किया गया है, उन मामलों में अब पूरे गुजरात में एक ही प्रारूप मान्य होगा।

नए प्रारूप को जिला, तालुका, ग्रामीण और शहरी स्तर पर कार्यरत सभी सरकारी कार्यालयों, प्राधिकरणों और सेवा केंद्रों द्वारा अनिवार्य रूप से स्वीकार किया जाएगा, और इसे डिजिटल गुजरात पोर्टल और सार्वजनिक सेवा केंद्रों पर भी लागू किया जाएगा, ताकि ऑनलाइन आवेदकों को सुविधा मिल सके।

राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि जिन सेवाओं के लिए कानूनन शपथ पत्र जमा करना अनिवार्य नहीं है, उनमें सामान्य प्रशासन विभाग के प्रस्ताव के अनुसार मौजूदा स्व-घोषणा व्यवस्था ही लागू रहेगी। ऐसे मामलों में शपथ पत्र प्रस्तुत करना अनिवार्य नहीं होगा।

भाषा आशीष दिलीप

दिलीप


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