गुरुग्राम: सरकारी अधिकारी बनकर झूठे बलात्कार मामले में युवक को धमकाने वाला निलंबित डॉक्टर गिरफ्तार

गुरुग्राम: सरकारी अधिकारी बनकर झूठे बलात्कार मामले में युवक को धमकाने वाला निलंबित डॉक्टर गिरफ्तार

गुरुग्राम: सरकारी अधिकारी बनकर झूठे बलात्कार मामले में युवक को धमकाने वाला निलंबित डॉक्टर गिरफ्तार
Modified Date: January 12, 2026 / 10:20 pm IST
Published Date: January 12, 2026 10:20 pm IST

गुरुग्राम, 12 जनवरी (भाषा) गुरुग्राम पुलिस ने सोमवार को एक निलंबित सरकारी डॉक्टर को कथित तौर पर धोखाधड़ी करने और एक प्रॉपर्टी डीलर को झूठे बलात्कार के मामले में फंसाने की धमकी देने और स्वास्थ्य विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी के रूप में खुद को पेश करके फिरौती मांगने के आरोप में गिरफ्तार किया।

पुलिस ने यह भी बताया कि वे डॉक्टर की पत्नी की तलाश कर रहे हैं।

वजीराबाद गांव के निवासी प्रॉपर्टी डीलर राहुल यादव द्वारा दायर शिकायत के अनुसार, गढ़ी हरसारू का रहने वाला टीनू नाम का एक व्यक्ति 2023 में अपने पिता के इलाज के दौरान राहुल के कार्यालय में रुका था। इसी दौरान टीनू का सहयोगी, डॉ. कृष्ण कुमार, जिसे केके के नाम से भी जाना जाता है, राहुल के कार्यालय में अक्सर आने लगा था।

 ⁠

एक दिन केके ने राहुल से 10,000 रुपये मांगे और दावा किया कि उसका बैंक खाता फ्रीज हो गया है। राहुल ने उसे पैसे उधार दे दिए, लेकिन कुछ समय के दौरान केके ने कार सर्विस और अन्य बहाने बनाकर उससे लगभग पांच से छह लाख रुपये और ले लिए।

राहुल ने शिकायत में कहा, ‘‘जब मैंने उससे पैसे लौटाने को कहा, तो उसने इनकार कर दिया और खुद को स्वास्थ्य विभाग का उपनिदेशक बताया। उसने मुझे धमकी भी दी और कहा कि वह कई महिलाओं को जानता है और मुझे झूठे बलात्कार के मामले में फंसा देगा। 12 अगस्त, 2023 को एक महिला मेरे कार्यालय में पैसे मांगने आई और धमकी दी कि अगर मैंने पैसे नहीं दिए, तो केके मेरे खिलाफ कार्रवाई करेगा। बाद में, उसने सेक्टर 51 स्थित महिला पुलिस थाना में ईमेल के जरिए मेरे दोस्त और मेरे खिलाफ बलात्कार की शिकायत दर्ज कराई।’’

राहुल ने कहा कि जब पुलिस ने उसे बुलाया तो वह नहीं आई। मामला तब और बिगड़ गया जब 24 अक्टूबर, 2025 को महिला ने केके के साथ मिलकर राहुल और उसके दोस्त के खिलाफ बलात्कार की लिखित शिकायत दर्ज कराई।

राहुल ने अपनी शिकायत में कहा, ‘मेरे दोस्त टीनू ने बाद में मुझे बताया कि केके पहले सात लाख रुपये की मांग कर रहा था और फिर शिकायत वापस लेने के बदले में रकम बढ़ाकर 16 लाख रुपये कर दी। उसने जानबूझकर बैंक खाते के माध्यम से पैसे लेने से इनकार कर दिया। नतीजतन, मैंने पुलिस को मामले की सूचना दी।’

शिकायत के आधार पर सेक्टर 50 पुलिस थाना में प्राथमिकी दर्ज की गई, जिसके परिणामस्वरूप रविवार को पंचकूला से कृष्ण कुमार को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने आरोपी की पहचान नूंह जिले के मनुवास गांव निवासी डॉ. कृष्ण कुमार जैलदार (42) के रूप में की है।

गुरुग्राम पुलिस के प्रवक्ता ने कहा, “पूछताछ के दौरान आरोपी ने खुलासा किया कि वह एमबीबीएस डॉक्टर है और हरियाणा सरकार के तहत कार्यरत था, लेकिन फिलहाल निलंबित है। वह पहले पंचकूला और गुरुग्राम के सेक्टर 10 स्थित सरकारी अस्पतालों में काम कर चुका है और उसका राहुल यादव के साथ वित्तीय लेन-देन हुआ था। भुगतान से बचने के लिए उसने अपनी पत्नी के साथ मिलकर राहुल को झूठे बलात्कार के मामले में फंसाने की साजिश रची। हम फिलहाल आरोपी से पूछताछ कर रहे हैं और अन्य संभावित व्यक्तियों की संलिप्तता की जांच कर रहे हैं।”

भाषा तान्या संतोष

संतोष


लेखक के बारे में