गांधीनगर, आठ जून (भाषा) ज्ञानेंद्र सिंह मलिक ने सोमवार को गुजरात के नए पुलिस महानिदेशक के रूप में कार्यभार संभाला और अपराध की रोकथाम करने, इसका पता लगाने और जांच में सुधार के लिए प्रमुख शहरों में प्रौद्योगिकी के उपयोग और सीसीटीवी कैमरा नेटवर्क के विस्तार पर जोर दिया।
मलिक 1993 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं और उन्हें गुजरात के डीजीपी के रिक्त पद पर नियुक्त किया गया, जिससे कई महीनों से जारी अटकलों पर विराम लग गया। उन्होंने कार्यवाहक डीजीपी के रूप में कार्यरत केएलएन राव का स्थान लिया।
मलिक ने मीडियाकर्मियों से कहा, ‘मैं सरकार का आभारी हूं कि उसने मुझे डीजीपी का जिम्मेदारीपूर्ण पद सौंपा है। पुलिस का काम मुख्य रूप से अपराध की रोकथाम करना, इसका पता लगाना, जांच करना और कानून व्यवस्था बनाए रखना है; और ये हमारी सर्वोच्च प्राथमिकताएं हैं।’
उन्होंने मादक पदार्थों के खतरे, साइबर अपराध और यातायात संबंधी समस्याओं को ऐसी चुनौतियों के रूप में चिह्नित किया, जिनसे प्रौद्योगिकी और सीसीटीवी निगरानी के उपयोग को बढ़ाकर प्रभावी ढंग से निपटा जा सकता है।
मलिक ने कहा, ‘जनभागीदारी के माध्यम से पूरे राज्य के प्रमुख शहरों में अधिकतम संख्या में सीसीटीवी कैमरे लगाना हमारी प्राथमिकता होगी, जिससे अपराध की रोकथाम, इसका पता लगाने और जांच की प्रभावशीलता में वृद्धि होगी।’
डीजीपी ने कहा कि वह ऐसी पुलिस व्यवस्था लागू करेंगे, जिससे अपराधी कानून का सम्मान करें और पुलिस से डरें।
भाषा शुभम सुरेश
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