कोलकाता, आठ जून (भाषा) पश्चिम बंगाल विधानसभा में सोमवार को हुई एक संक्षिप्त लेकिन राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण मुलाकात के बाद सियासी गलियारों में अटकलों का दौर शुरू हो गया है।
तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के बागी विधायक संदीपन साहा पार्टी के वरिष्ठ नेता फिरहाद हकीम को नेता प्रतिपक्ष रिताब्रता बनर्जी के कक्ष तक ले जाते हुए देखे गए। यह घटनाक्रम ऐसे समय में हुआ है जब पार्टी में उथल-पुथल जारी है।
इससे कुछ दिन पहले हकीम ने कोलकाता नगर निगम के महापौर पद से इस्तीफा दिया था। वहीं विधानसभा चुनाव में हार के बाद टीएमसी अपने विधायक दल में अभूतपूर्व बगावत से जूझ रही है।
विधानसभा सूत्रों के अनुसार, हकीम हमेशा की तरह सदन पहुंचे और लॉबी में बैठे थे। तभी टीएमसी के असंतुष्ट गुट के प्रमुख चेहरों में से एक संदीपन साहा उनके पास पहुंचे। कुछ ही मिनट बाद दोनों को साथ-साथ रिताब्रता बनर्जी के कक्ष की ओर जाते हुए देखा गया।
रिताब्रता बनर्जी को पार्टी नेतृत्व की इच्छा के विरुद्ध नेता प्रतिपक्ष चुना गया था, जिसे टीएमसी विधायक दल में विद्रोह का सबसे बड़ा प्रतीक माना जा रहा है।
हालांकि बैठक में क्या चर्चा हुई, इसकी जानकारी तुरंत नहीं मिल सकी, लेकिन इस मुलाकात ने पार्टी में संभावित नए समीकरणों और पर्दे के पीछे जारी बातचीत की अटकलों को हवा दे दी।
राजनीतिक जानकारों का कहना है कि कुछ सप्ताह पहले तक ऐसी मुलाकात की कल्पना भी नहीं की जा सकती थी, क्योंकि तब तक पार्टी नेतृत्व का विधायक दल पर पूरी तरह नियंत्रण दिखाई दे रहा था।
टीएमसी के एक बागी विधायक ने कहा, “इस मुलाकात के राजनीतिक संकेतों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। मौजूदा परिस्थितियों में पार्टी में जारी संघर्ष के संदर्भ में हर गतिविधि को देखा जा रहा है।”
यह मुलाकात इसलिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि शुक्रवार को कोलकाता के महापौर पद से इस्तीफा देने के बाद खुद फिरहाद हकीम को लेकर भी राजनीतिक अटकलें तेज हो गई हैं।
भाषा जोहेब नरेश
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