ओएनजीसी के नये मंगलुरु तेल भंडार का आधा हिस्सा रणनीतिक उद्देश्य के लिए रहेगा : सरकार

ओएनजीसी के नये मंगलुरु तेल भंडार का आधा हिस्सा रणनीतिक उद्देश्य के लिए रहेगा : सरकार

ओएनजीसी के नये मंगलुरु तेल भंडार का आधा हिस्सा रणनीतिक उद्देश्य के लिए रहेगा : सरकार
Modified Date: August 3, 2026 / 08:52 pm IST
Published Date: August 3, 2026 8:52 pm IST

नयी दिल्ली, तीन अगस्त (भाषा) पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस राज्य मंत्री सुरेश गोपी ने सोमवार को कहा कि सरकार द्वारा संचालित तेल एवं प्राकृतिक गैस निगम (ओएनजीसी) मंगलुरु में 17.5 लाख टन पेट्रोलियम भंडारण सुविधा तैयार की जा रही है जिसका आधा हिस्सा रणनीतिक भंडार के रूप में रिजर्व रखा जाएगा।

मंत्री ने एक सवाल के लिखित जवाब में राज्यसभा को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि ओएनजीसी एक भंडारण सुविधा तैयार कर रहा है जिसकी कुल क्षमता 17.5 लाख टन होगी।

उन्होंने कहा कि इस परियोजना का पूरा खर्च ओएनजीसी द्वारा उठाया जाएगा।

गोपी ने कहा कि भारत सरकार ने इंडियन स्ट्रैटेजिक पेट्रोलियम रिजर्व लिमिटेड नामक एक विशेष प्रयोजनार्थ कंपनी के माध्यम से तीन स्थानों विशाखापत्तनम, मंगलुरु और पादुर में कुल 53.3 लाख मीट्रिक टन कच्चे तेल की क्षमता वाली रणनीतिक पेट्रोलियम रिजर्व (एसपीआर) सुविधाएं स्थापित की हैं।

उन्होंने कहा कि इसके अतिरिक्त, भारत के पास पूरी ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखला संबंधित अवसंरचना में कच्चे तेल तथा रिफाईंड पेट्रोलियम उत्पादों की भंडारण क्षमता है। उन्होंने कहा, ‘‘भारत के पास सामूहिक रूप से उसकी शुद्ध कच्चे तेल के आयात की आवश्यकता को 74 दिनों तक पूरा करने के बराबर कच्चे तेल और पेट्रोलियम उत्पादों के भंडारण की राष्ट्रीय क्षमता है।’’

भाषा अविनाश सुभाष

सुभाष


लेखक के बारे में