नयी दिल्ली, 27 मार्च (भाषा) दिल्ली विधानसभा ने ‘फांसी-घर’ मामले को लेकर विशेषाधिकार समिति की रिपोर्ट के आधार पर शुक्रवार को पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल समेत आम आदमी पार्टी (आप) के नेताओं को चेतावनी जारी की।
विधानसभा में 23 मार्च को पेश रिपोर्ट पर सदन में चर्चा हुई, जिसके बाद भाजपा विधायक जितेंद्र महाजन के प्रस्ताव पर बहस हुई।
महाजन ने समिति के समक्ष पेश होने न होने को अवमानना मानकर केजरीवाल और ‘आप’ के अन्य नेताओं को चेतावनी जारी करने की सिफारिश की।
भाजपा के विधायक राजकुमार भाटिया ने प्रस्ताव का समर्थन किया और अंततः इसे सदन में ध्वनिमत के जरिए पारित कर दिया गया।
केजरीवाल ने तत्कालीन उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया, विधानसभा अध्यक्ष राम निवास गोयल और उपाध्यक्ष राखी बिरला की मौजूदगी में नौ अगस्त 2022 को विधानसभा में ‘फांसी-घर’ का उद्घाटन किया था।
पिछले साल फरवरी में दिल्ली में भाजपा की सरकार बनने के बाद इस मुद्दे को विधानसभा में उठाया गया।
विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने इसे स्वतंत्रता सेनानियों को फांसी देने वाली जगह के बजाय “टिफिन रूम” बताया।
इसके बाद मामले को विशेषाधिकार समिति के पास जांच के लिए भेजा गया। समिति ने केजरीवाल और आप के अन्य नेताओं को स्पष्टीकरण के लिए बुलाया, लेकिन उन्होंने शुरू में पेश नहीं होकर अवमानना की।
हालांकि, इस महीने के शुरुआत में केजरीवाल, गोयल व बिरला समेत आप के अन्य नेता समिति के समक्ष पेश हुए।
विधानसभा अध्यक्ष गुप्ता ने कहा कि नियमों के तहत समिति के पास अवमानना के लिए जेल की सजा देने का अधिकार है, लेकिन समिति ने उचित कार्रवाई करते हुए दंड को केवल चेतावनी तक सीमित रखा।
भाषा जोहेब संतोष
संतोष