हरसिमरत बादल, रंधावा ने तख्त श्री हजूर साहिब बोर्ड पर महाराष्ट्र के मसौदा कानून का विरोध किया

Ads

हरसिमरत बादल, रंधावा ने तख्त श्री हजूर साहिब बोर्ड पर महाराष्ट्र के मसौदा कानून का विरोध किया

  •  
  • Publish Date - June 27, 2026 / 12:57 AM IST,
    Updated On - June 27, 2026 / 12:57 AM IST

चंडीगढ़, 26 जून (भाषा) पूर्व केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर बादल ने शुक्रवार को महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से अपील की कि वह तख्त श्री हजूर साहिब बोर्ड की स्वायत्तता बनाए रखें और उस प्रस्तावित कानून को वापस लें जिसके तहत बोर्ड में सरकारी प्रतिनिधियों को शामिल करने की बात कही गई है।

कांग्रेस सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा ने भी बोर्ड के स्वायत्त कामकाज में हस्तक्षेप नहीं करने की मांग की।

यह अपील महाराष्ट्र मंत्रिमंडल द्वारा ‘नांदेड़ सिख गुरुद्वारा सचखंड श्री हजूर अचलनगर साहिब अधिनियम, 1956’ को रद्द करने और एक नया कानून लाने के फैसले को मंजूरी देने के बाद की गई है।

बादल ने फडणवीस को लिखे पत्र में कहा कि राज्य सरकार की ओर से नियुक्त समिति की सिफारिशों के आधार पर बोर्ड के स्वरूप में व्यापक बदलाव किए जा रहे हैं, जिससे सिख समुदाय में रोष है।

उन्होंने कहा कि तख्त प्रबंधन ने भी सरकार के फैसले के खिलाफ ‘गुरमता’ जारी किया है और बोर्ड की धार्मिक स्वायत्तता से जुड़े किसी भी निर्णय में सिख समुदाय, शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) और हजूरी सचखंड दीवान की राय नहीं ली गई।

उन्होंने कहा कि सरकार को विधानसभा के आगामी सत्र में पेश किए जाने वाले इस विधेयक को वापस लेना चाहिए।

रंधावा ने भी कहा कि सिख संस्थानों की धार्मिक गरिमा, परंपराओं और स्वायत्तता का सम्मान किया प्रत्येक सरकार की जिम्मेदारी है।

उन्होंने कहा कि तख्त श्री हजूर साहिब लाखों सिख श्रद्धालुओं के लिए आस्था का केंद्र है।

उन्होंने कहा कि बोर्ड के धार्मिक और प्रशासनिक मामलों में किसी भी तरह का अनावश्यक हस्तक्षेप नहीं होना चाहिए।

भाषा राखी नेत्रपाल

नेत्रपाल