दिल्ली में किसान महापंचायत से पहले हरियाणा पुलिस ने शंभू बॉर्डर सील किया

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दिल्ली में किसान महापंचायत से पहले हरियाणा पुलिस ने शंभू बॉर्डर सील किया

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  • Publish Date - July 21, 2026 / 09:06 AM IST,
    Updated On - July 21, 2026 / 09:06 AM IST

शंभू/अंबाला, 21 जुलाई (भाषा) पंजाब के किसान नेता सरवन सिंह पंढेर ने प्रस्तावित भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के विरोध में महापंचायत में शामिल होने दिल्ली जा रहे किसानों को रोकने के लिए शंभू बॉर्डर पर अवरोधक लगाए जाने को लेकर मंगलवार को हरियाणा सरकार की आलोचना की।

पंजाब-हरियाणा के शंभू बॉर्डर पर बड़ी संख्या में पुलिस बल को तैनात किया गया है। घग्गर नदी पर बने पुल पर अवरोधक लगाए गए हैं और सीमेंट के ब्लॉक रखकर किसानों की आवाजाही रोकने के इंतजाम किए गए हैं।

प्रस्तावित भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के विरोध में ‘देश बचाओ मोर्चा’ के बैनर तले दिल्ली के किसान घाट पर एक दिवसीय ‘किसान महापंचायत’ आयोजित करने की योजना है।

किसान नेताओं ने पहले ही कहा था कि पंजाब, हरियाणा और अन्य राज्यों से बड़ी संख्या में किसान इस महापंचायत में भाग लेंगे। पंजाब के विभिन्न हिस्सों से किसान बसों के जरिए दिल्ली जाने की तैयारी कर चुके हैं।

पंजाब के फतेहगढ़ साहिब में पंढेर ने संवाददाताओं से कहा कि किसान शांतिपूर्ण ढंग से दिल्ली जाना चाहते हैं, लेकिन हरियाणा सरकार उन्हें शंभू बॉर्डर पर रोक रही है।

उन्होंने आरोप लगाया कि इस कार्रवाई से हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी का ‘‘असली चेहरा’’ सामने आ गया है, जबकि वह अक्सर पंजाब आकर राज्य के लोगों से बड़े-बड़े वादे करते हैं।

पंढेर ने कहा कि किसान प्रस्तावित भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को पूरी तरह रद्द करने की मांग कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि शंभू बॉर्डर पर पहुंचने के बाद अन्य किसान नेताओं से विचार-विमर्श कर आगे की रणनीति तय की जाएगी।

किसानों का काफिला मंगलवार सुबह गुरुद्वारा श्री फतेहगढ़ साहिब से रवाना हुआ। एक हजार से अधिक किसानों ने सोमवार रात गुरुद्वारे की सराय में बिताई।

गुरुद्वारे से रवाना होने के बाद काफिला जीटी रोड पर सरहिंद के निकट माधोपुर पहुंचा और वहां से शंभू बॉर्डर की ओर बढ़ा।

इससे पहले सोमवार को भारतीय किसान यूनियन (चढ़ूनी) के प्रमुख गुरनाम सिंह चढ़ूनी को पुलिस ने कुरुक्षेत्र में उस समय हिरासत में ले लिया था, जब वह महापंचायत में शामिल होने के लिए दिल्ली जा रहे थे।

किसानों ने केंद्र सरकार से तत्काल हस्तक्षेप करते हुए प्रस्तावित व्यापार समझौते को रद्द करने तथा किसानों और आम लोगों के हितों की रक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।

भाषा खारी शफीक

शफीक