बहराइच (उप्र) 21 जुलाई (भाषा) उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को कहा कि आने वाले समय में विदेशी आक्रांता गाजी (गाजी सैयद सालार मसूद) के नाम पर कोई आयोजन न हो, इसकी उनकी सरकार पुख्ता व्यवस्था करेगी।
योगी आदित्यनाथ बहराइच जिले की महसी और नानपारा विधानसभा क्षेत्रों की 352 करोड़ रुपये लागत की 70 विकास परियोजनाओं के लोकार्पण/शिलान्यास के बाद आयोजित जनसभा को संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने अपने संबोधन में महाराजा सुहेलदेव का स्मरण करते हुए कहा,‘‘हमारी सरकार जब आई तो हमने बड़ी स्पष्टता के साथ कहा कि उत्तर प्रदेश में किसी विदेशी आक्रांता के स्मारक को हम स्वीकार नहीं करेंगे और उसके नाम पर मेला का आयोजन भी स्वीकार नहीं होना चाहिए।’’
योगी आदित्यनाथ ने कहा,‘‘मैं यहां के लोगों का अभिनंदन करूंगा जिन्होंने गाजी के नाम पर होने वाले आयोजनों को रोक दिया और आने वाले समय में गाजी के नाम पर कोई आयोजन न हो, इसकी हम पुख्ता व्यवस्था करेंगे।’’
महाराजा सुहेलदेव ने 1033 ईस्वी में बहराइच में चित्तौरा झील के किनारे एक युद्ध में गजनवी सेनापति गाजी सैयद सालार मसूद को पराजित कर उनकी हत्या कर दी थी।
योगी आदित्यनाथ ने कांग्रेस और समाजवादी पार्टी (सपा) के एजेंडे में कभी विकास नहीं रहने का दावा करते हुए कहा कि इनकी सरकार में एक वंश, एक परिवार का विकास हो, अपना स्वयं का विकास हो, यही इनके एजेंडे का हिस्सा था।
उन्होंने कहा कि बहराइच समेत विभिन्न जिलों की ओर इन लोगों ने ध्यान नहीं दिया, इसलिए उत्तर प्रदेश के सामने पहचान का संकट खड़ा हो गया।
उन्होंने कहा कि जिस महाराजा सुहेलदेव को सबसे पहले सम्मान मिलना चाहिए, कांग्रेस पार्टी ने नहीं दिया, समाजवादी पार्टी ने नहीं दिया।
योगी आदित्यनाथ ने कहा,‘‘जिस महाराजा सुहेलदेव की स्मृति में मेले लगने चाहिए, वह मेले कांग्रेस और समाजवादी पार्टी ने आयोजित नहीं किये, बल्कि भारत को रौंदने के लिए, भारत को अपमानित करने के लिए बहराइच को और मां पाटेश्वरी धाम को लूटने के लिए जो विदेशी आक्रांता सालार मसूद गाजी आया था, इन लोगों ने उस गाजी के नाम पर गाजी मियां का मेला लगाना प्रारंभ कर दिया था।’’
योगी आदित्यनाथ ने कहा,‘‘ भारत माता के अमर नायक महाराजा सुहेलदेव के नाम पर भव्य स्मारक उसी स्थान पर बनाया गया जहां उन्होंने गाजी मसूद को मारा था। उन्होंने गाजी मसूद को मारा ही नहीं, बल्कि ऐसी मौत दी जो इस्लाम में सबसे खराब मानी जाती है। उन्होंने भारत के शौर्य का परचम लहराने का काम किया था।’’
योगी ने कहा कि महाराजा सुहेलदेव की स्मृतियों को भावी पीढ़ी तक पहुंचाने के लिए ‘डबल इंजन’ की सरकार ने उनका चित्तौरा में भव्य स्मारक बनाया है।
उन्होंने कहा कि जो कार्य 1947-48 में होना चाहिए था वह नरेन्द्र मोदी जी के प्रधानमंत्री बनने और उप्र में ‘डबल इंजन’ की सरकार बनने के बाद हुआ।
सैयद सालार मसूद गाजी की दरगाह पर हर साल आयोजित होने वाले प्रसिद्ध ‘जेठ मेले’ को बहराइच के जिला प्रशासन ने पिछले वर्ष अनुमति देने से इनकार कर दिया था। इसके पहले सैयद सालार मसूद गाजी के नाम पर संभल जिले में लगने वाले ‘नेजा मेला’ को वहां के प्रशासन ने अनुमति देने से इनकार किया था।
इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ पीठ ने पिछले वर्ष बहराइच में दरगाह शरीफ में वार्षिक जेठ मेले के आयोजन की अनुमति देने से इनकार कर दिया। हालांकि, पीठ ने स्पष्ट किया कि दरगाह शरीफ में नियमित गतिविधियां और अनुष्ठान जारी रहेंगे।
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि 2017 के पहले राज्य में सपा की सरकार थी तो बबुआ (अखिलेश यादव) 12 बजे सोकर उठते थे, दो बजे तक तैयार होते थे, चच्चू (शिवपाल सिंह यादव) जब उन्हें बताते कि क्या होना चाहिए, तब उन्हें समझ में नहीं आता था कि चाचा बोल क्या रहे हैं।
उन्होंने कहा कि फिर पांच बजे जिम चले गये और साढ़े छह सात बजे तक आए तो उनके बाद उनकी ”महफिल” जम जाती थी। उन्होंने सवाल किया कि इस हाल में राज्य का विकास कैसे होता।
उन्होंने फिर कहा कि उस समय पर्व और त्यौहार के पहले उपद्रव हो जाता था और गरीब के लिए कोई योजना नहीं थी।
उन्होंने कहा कि पैसा तब भी था, लेकिन नीयत साफ नहीं थी।
योगी ने आरोप लगाया कि तब सैफई खानदान सार पैसे हड़प जाता था, कहीं चाचा, कहीं भतीजा और कहीं अन्य रिश्तेदार हड़प लेते थे क्योंकि वहां महाभारत के सारे रिश्ते थे।
योगी ने दावा कि आज हर योजना का लाभ मिलता है और 16 करोड़ गरीबों को मुफ्त राशन, 11 करोड़ लोगों को आयुष्मान भारत के तहत पांच लाख का स्वास्थ्य बीमा का कवर मिलता है।
भाषा आनन्द
राजकुमार
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