MP Assembly Session Today Live: आज 2026-27 का पहला अनुपूरक बजट पेश करेंगे वित्त मंत्री, UCC समेत कई बड़े फैसलों पर होगी चर्चा, कई अहम विधेयक होंगे पेश Photo Credit: Social Media
भोपालः UCC Bill Passed in MP: मध्यप्रदेश विधानसभा में मंगलवार को भारी हंगामे के बीच समान नागरिक संहिता (यूसीसी) बिल पास हो गया। सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक हुई। कांग्रेस विधेयक का विरोध करती रही और सदन में हंगामे की स्थिति बनी रही। हंगामे के बीच विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने व्यवस्था बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि जो सदस्य विधेयक पर अपना अभिमत देना चाहते हैं, वे सदन के पटल पर सीधे अपना वक्तव्य रख सकते हैं। इसके बाद भी सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच नारेबाजी और विरोध जारी रहा।
सदन में बिल पर चर्चा के दौरान सीएम मोहन यादव ने विपक्ष पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने बिल पर सुझाव देने वाले लोगों को शुभकामनाएं भी दी। सीएम ने कहा कि कांग्रेस हमेशा तुष्टीकरण और मुस्लिम वोट बैंक की राजनीति करती रही तथा देश की जनता की पीठ में खंजर मारने का काम किया। उन्होंने कहा कि यूसीसी लागू होने के बाद मध्य प्रदेश में भेदभाव से मुक्ति मिलेगी। उत्तराखंड, गुजरात और असम के बाद अब मध्य प्रदेश भी समान नागरिक संहिता लागू करने जा रहा है। डॉ. यादव ने कहा कि कांग्रेस के “दांत खाने के और, दिखाने के और हैं।” अब उसका पाखंड नहीं चलेगा और दोहरा चरित्र भी नहीं चलेगा। उन्होंने कहा कि यदि कांग्रेस बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर के संविधान का सम्मान करती है, तो उसे इस बिल का समर्थन करना चाहिए। मुख्यमंत्री के संबोधन के दौरान कांग्रेस विधायक लगातार “चंदा चोरों, गद्दी छोड़ो” के नारे लगाते रहे, जिससे सदन में कई बार हंगामे की स्थिति बनी रही।
चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दावा किया कि प्रदेश के 93 प्रतिशत नागरिकों ने यूसीसी का समर्थन किया है। उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि उसकी “निगाह खराब है, इसलिए वह सीधी बात भी तिरछी नजर से देखती है और उसे दुनिया भी तिरछी दिखाई देती है।” मुख्यमंत्री ने गोस्वामी तुलसीदास की चौपाई “जाकी रही भावना जैसी, प्रभु मूरत देखी तिन्ह तैसी“ का उल्लेख करते हुए कहा कि विपक्ष अपनी मानसिकता के अनुरूप ही हर विषय को देखता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यूसीसी लागू होने के बाद भी प्रदेश के नागरिकों के सामाजिक और धार्मिक संस्कार पहले की तरह जारी रहेंगे। हालांकि राज्य में होने वाले सभी विवाहों का शासकीय पंजीयन अनिवार्य होगा। पंजीयन नहीं कराने पर जुर्माने का प्रावधान किया गया है। डॉ. यादव ने कहा कि समान नागरिक संहिता लागू होने के बाद एक पत्नी के रहते हुए दूसरा विवाह तथा एक पति के रहते हुए पत्नी द्वारा दूसरा विवाह करना कानूनन मान्य नहीं होगा। उनका कहना था कि यह कानून सभी नागरिकों के लिए समान व्यवस्था और समान अधिकार सुनिश्चित करेगा।
UCC Bill Passed in MP: कांग्रेस के हंगामे के मुख्यमंत्री ने कहा- यह महिला सशक्तीकरण, सामाजिक समरसता, सामाजिक समानता का बिल है। सभी से आग्रह है कि इसे खुलकर समर्थन दें। मुख्यमंत्री ने कहा- जब भारत 1947 में स्वतंत्र हुआ तो भोपाल को आजाद घोषित नहीं किया गया था। पाकिस्तान से मिलाने की कोशिश की गई थी। ऐसे लोगों को डूब मरना चाहिए।