उच्च न्यायालय ने बलात्कार एवं हत्या के गुनहगारों को दी गई उम्रकैद की सजा बरकरार रखी

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उच्च न्यायालय ने बलात्कार एवं हत्या के गुनहगारों को दी गई उम्रकैद की सजा बरकरार रखी

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  • Publish Date - September 2, 2022 / 12:39 AM IST,
    Updated On - November 29, 2022 / 08:11 PM IST

नयी दिल्ली, एक सितंबर (भाषा) दिल्ली उच्च न्यायालय ने एक महिला के साथ बलात्कार के बाद उसकी हत्या करने के जुर्म में दो अभियुक्तों को सुनायी गयी उम्रकैद की सजा बृहस्पतिवार को बरकरार रखी और कहा कि यह क्रूरता अपराधियों की ‘दुष्ट और शैतानी’ मानसिकता दर्शाती है।

न्यायमूर्ति मुक्ता गुप्ता और न्यायमूर्ति अनीस दयाल की पीठ ने कहा कि दोषियों ने बलात्कार करने के बाद गला घोंटकर पीड़िता को मार डाला तथा सड़क किनारे उसका शव फेंककर सबूत मिटाने का प्रयास किया। पीठ ने कहा कि यह नृशंसता अपीलकर्ताओं की शैतानी मानसिकता दिखाती है।

उच्च न्यायालय दोनों अभियुक्तों की अपील पर सुनवाई कर रहा था। दोनों ने अपनी दोषसिद्धि को चुनौती दी थी। निचली अदालत ने सिकंदर सोनी और प्रदीप नामक इन दोनों अभियुक्तों को उम्रकैद की सजा सुनायी थी।

अभियोजन पक्ष के अनुसार 24 अप्रैल, 2012 को पुलिस को सूचना मिली थी कि नेहरू पुलिस में एक फ्लाईओवर के पास एक महिला का शव पड़ा है। उसके शरीर पर जख्म के निशान थे। चिकित्सा रिपोर्ट में सामने आया कि सामूहिक बलात्कार के बाद उसकी हत्या कर दी गयी।

भाषा राजकुमार संतोष

संतोष