नयी दिल्ली, पांच सितंबर (भाषा) देश के कई राज्यों में शनिवार को मूसलाधार बारिश हुई, जिससे बड़े पैमाने पर जलजमाव हुआ, जिससे सामान्य जनजीवन प्रभावित हो गया।
वहीं, बिहार में कई नदियों का जलस्तर खतरे के निशान तक पहुंच गया।
भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने अगले कुछ दिनों में उत्तर और पूर्वी भारत के कई हिस्सों में भारी बारिश का अनुमान जताया है।
लगातार बारिश के कारण दिल्ली में जनजीवन प्रभावित हुआ और रोजमर्रा के कामकाज के साथ-साथ उड़ान सेवाएं भी बाधित हुईं।
इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे और धौला कुआं के बीच राष्ट्रीय राजमार्ग-48 पर पानी भर गया, जबकि टर्मिनल-3 पर भी भारी जलजमाव की स्थिति देखी गई।
इसके बाद इंडिगो विमानन कंपनी ने यात्रियों के लिए यात्रा संबंधी परामर्श जारी करते हुए संभावित देरी की जानकारी दी।
इंडिगो ने ‘एक्स’ पर बताया, “खराब मौसम के कारण दिल्ली में उड़ान सेवाएं प्रभावित हो रही हैं, जिससे विमानों के परिचालन में देरी हो सकती है।”
विमानन कंपनी ने बताया, “हमारी टीमें हालात पर लगातार नजर रख रही हैं। अगर आप आज (शनिवार को) यात्रा कर रहे हैं तो अपनी उड़ान की स्थिति हमारी वेबसाइट पर जरूर जांच लें। साथ ही, यात्रा के लिए अतिरिक्त समय लेकर निकलें, क्योंकि सड़कों पर यातायात जाम के कारण वाहनों की गति धीमी हो सकती है।”
दिल्ली यातायात पुलिस ने ‘एक्स’ पर लोगों को जलजमाव और ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की तैयारियों के कारण कई स्थानों पर यातायात की रफ्तार धीमी रहने को लेकर सतर्क किया।
आईएमडी ने राष्ट्रीय राजधानी के लिए ‘ऑरेंज अलर्ट ’जारी किया है।
विभाग ने गरज के साथ बिजली चमकने और हल्की से मध्यम बारिश का अनुमान जताया।
हरियाणा के गुरुग्राम में भी बारिश के कारण जलजमाव की स्थिति बनी रही, जिससे शहर की सामान्य रफ्तार प्रभावित हुई।
बारिश के तुरंत बाद दिल्ली-जयपुर राजमार्ग पर वाहनों की संख्या बढ़ गई, जिससे सरहौल बॉर्डर से राजीव चौक और सुभाष चौक तक वाहनों की रफ्तार धीमी हो गई।
उत्तर प्रदेश में पिछले 24 घंटों के दौरान कई स्थानों पर बारिश और गरज के साथ बौछार हुई।
सबसे अधिक 65.2 मिलीमीटर बारिश मुरादाबाद में हुई, इसके बाद मेरठ में 49.1 मिलीमीटर, वाराणसी में 34 मिलीमीटर, नजीबाबाद में 31.4 मिलीमीटर, अलीगढ़ में 8.2 मिलीमीटर और मुजफ्फरनगर में सात मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई।
मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों में उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में भारी बारिश का अनुमान जताया है।
मौसम विभाग ने शनिवार को बताया कि राजस्थान के पूर्वी हिस्सों में भी भारी बारिश हुई और धौलपुर जिले के सेपऊ में सबसे अधिक 107 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई।
मौसम विभाग के मुताबिक, दौसा, धौलपुर, करौली, सवाई माधोपुर, बारां और झालावाड़ जिलों में कुछ स्थानों पर 24 घंटे से अधिक समय तक भारी बारिश हुई।
कश्मीर में अधिकारियों ने बताया कि ऊंचाई वाले इलाकों में शनिवार को इस मौसम की पहली बर्फबारी हुई जबकि मैदानी क्षेत्रों में कुछ जगहों पर ओलावृष्टि हुई।
अधिकारियों के अनुसार, गुलमर्ग, सोनमर्ग और गुमरी के पहाड़ी इलाकों में इस मौसम की पहली बर्फबारी हुई।
उन्होंने बताया कि श्रीनगर शहर और आसपास के जिलों के कुछ हिस्सों में सुबह एवं दोपहर के समय बारिश हुई, जिससे दिन के तापमान में कुछ डिग्री की गिरावट आई।
अधिकारियों ने बताया कि शहर के कुछ हिस्सों में ओलावृष्टि और तेज हवाएं चलने की भी खबरें मिली हैं।
मौसम विभाग के अनुसार, रविवार को कुछ समय के लिए हल्की बारिश होने की संभावना है, लेकिन अगले कुछ दिनों तक मौसम सामान्य रूप से शुष्क रहने की उम्मीद है।
मौसम वैज्ञानी मुबीन अहमद ने ‘पीटीआई-वीडियो’ सेवा को बताया, “पश्चिमी विक्षोभ जम्मू क्षेत्र को प्रभावित कर रहा है। इसकी वजह से कश्मीर घाटी में कई स्थानों पर बारिश होने की संभावना है। इसी तरह जम्मू क्षेत्र में भी कई जगहों पर बारिश हो सकती है। कुछ स्थानों पर गरज के साथ छींटे पड़ने एवं बिजली कड़कने की भी संभावना है।”
हिमाचल प्रदेश में लगातार हो रही बारिश के कारण राज्य के विभिन्न हिस्सों में 85 सड़कों पर यातायात बंद हो गया है।
शिमला स्थित क्षेत्रीय मौसम कार्यालय ने 11 सितंबर तक बारिश जारी रहने का अनुमान जताया।
बिहार में भारी बारिश के बीच गंगा नदी का जलस्तर शनिवार सुबह गांधी घाट पर 10 सेंटीमीटर बढ़ गया और यह खतरे के निशान को पार कर गया।
एक आधिकारिक बुलेटिन में यह जानकारी दी गई।
बिहार आपदा प्रबंधन विभाग के अनुसार, राज्य की कई नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं, इनमें डुमरियाघाट एवं हाजीपुर में गंडक नदी, बलतारा में कोसी नदी, खगड़िया में बूढ़ी गंडक और दीघा, हाथीदह, भागलपुर, कहलगांव, बक्सर तथा मुंगेर में गंगा नदी शामिल हैं।
अधिकारियों ने बताया कि बिहार के 11 जिलों में करीब 10.26 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित हुए हैं।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने मंत्रियों और अधिकारियों को बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करने तथा राहत एवं बचाव कार्यों की लगातार निगरानी करने का निर्देश दिया।
मध्यप्रदेश में भी बारिश जारी रही। पश्चिमी मध्यप्रदेश को छोड़कर राज्य के लगभग सभी हिस्सों में बारिश हुई।
राहत कार्यों के लिए राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) और राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ) की टीमें अलर्ट पर हैं तथा विभिन्न स्थानों पर तैनात की गई हैं।
अधिकारियों ने बताया कि पूर्वी मध्यप्रदेश के सतना, श्योपुर, पन्ना, मुरैना, भिंड, गुना और ग्वालियर सहित करीब 20 जिलों में भारी बारिश हुई है।
उन्होंने बताया कि इसके कारण कई स्थानों पर बाढ़ जैसी स्थिति बन गई है और कई जगहों पर स्कूल बंद करने पड़े।
भाषा जितेंद्र सुरेश
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