रोहिणी में निजी कार्यक्रम के चलते भारी यातायात जाम; कुछ मेट्रो स्टेशनों के बाहर लंबी कतारें

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रोहिणी में निजी कार्यक्रम के चलते भारी यातायात जाम; कुछ मेट्रो स्टेशनों के बाहर लंबी कतारें

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  • Publish Date - April 23, 2026 / 06:43 PM IST,
    Updated On - April 23, 2026 / 06:43 PM IST

नयी दिल्ली, 23 अप्रैल (भाषा) दिल्ली के रोहिणी इलाके के कई मेट्रो स्टेशनों पर बृहस्पतिवार को उस समय अंदर प्रवेश के लिए अफरा-तफरी देखने को मिली, जब एक धार्मिक उपदेशक के निजी कार्यक्रम से लौट रहे श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के चलते प्रवेश पर रोक लगा दी गई।

इस कार्यक्रम में प्रदीप मिश्रा ने महाशिवपुराण कथा का वाचन किया था। छह दिवसीय कथा 17 अप्रैल को शुरू हुई और बृहस्पतिवार को समाप्त हुई।

रिठाला मेट्रो स्टेशन के दोनों प्रवेश द्वारों पर सैकड़ों लोग कतार में खड़े थे, जिन्हें केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) कर्मियों ने रस्सियों का इस्तेमाल करके रोका हुआ था।

बल के एक सदस्य ने कतार में खड़ी भीड़ से कहा, ‘अंदर भारी भीड़ है, कृपया कुछ देर प्रतीक्षा करें।’

रेड लाइन के अगले दो स्टेशनों पर भी ऐसा ही नजारा देखने को मिला, जहां सीआईएसएफ ने यात्रियों के प्रवेश पर रोक लगा दी थी।

मधुबन चौक तक पूरे रास्ते पर चिलचिलाती धूप में पैदल चलते श्रद्धालुओं से फुटपाथ खचाखच भरे नजर आए। सड़क पर दोनों ओर करीब दो किलोमीटर तक यातायात पूरी तरह ठप हो गया।

इस बारे में पूछे जाने पर दिल्ली मेट्रो रेल निगम (डीएमआरसी) ने टिप्पणी करने से इनकार कर दिया।

दिल्ली यातायात पुलिस के एक कर्मी ने बताया कि वे गाड़ियों का मार्ग बदलने की कोशिश कर रहे हैं और स्थिति में जल्द ही सुधार होगा।

पूनम देवी (55) ने कहा कि उन्हें इतनी भीड़ की उम्मीद नहीं थी।

महरौली निवासी पूनम ने कहा, ‘पुलिस कह रही है कि मेट्रो स्टेशन के अंदर भीड़ है और उन्होंने हमें इंतजार करने को कहा है। बहुत गर्मी है। मैं दोबारा नहीं आऊंगी। टीवी पर देखना बेहतर है।’

यह पहली बार नहीं है कि मिश्रा के किसी कार्यक्रम के कारण अफरा-तफरी या अन्य परेशानियां खड़ी हुई हों। पिछले साल अप्रैल में राजस्थान के रतनगढ़ में उनके एक कथा कार्यक्रम में तूफान के दौरान भगदड़ मच गई थी।

इस घटना में कम से कम तीन लोग घायल हो गए थे और अधिकारियों को कार्यक्रम रद्द करने के लिए मजबूर होना पड़ा था।

मिश्रा के कथा कार्यक्रम के कारण फरवरी में पुणे में सात दिनों के लिए यातायात मार्ग परिवर्तन लागू किया गया था।

मार्च में, उनके एक अन्य छह दिवसीय कार्यक्रम के कारण जयपुर में भारी यातायात जाम हो गया था जिसके बाद यातायात का मार्ग परिवर्तन करना पड़ा था।

भाषा नोमान नोमान पवनेश

पवनेश