जयपुर, 23 अप्रैल (भाषा) जनगणना-2027 के पहले चरण के तहत मकान सूचीकरण और मकान गणना को लेकर जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी।
अधिकारियों ने बताया कि इस बार जनगणना पूरी तरह डिजिटल माध्यम से होगी और लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों-कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
कलक्ट्रेट सभागार में आयोजित एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में जनगणना कार्य निदेशालय, राजस्थान के निदेशक एवं मुख्य प्रमुख जनगणना अधिकारी विष्णुचरण मलिक ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि एक से 15 मई 2026 तक होने वाले मकान सूचीकरण और स्व-गणना कार्य को पूरी गंभीरता और निष्ठा से पूरा किया जाए।
उन्होंने कहा, “यह राष्ट्रीय महत्व का कार्य है, जिसकी गुणवत्ता अंतिम व्यक्ति तक पहुंचने वाले आंकड़ों पर निर्भर करती है।”
उन्होंने बताया कि इस बार जनगणना आधुनिक डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए की जाएगी, जिससे डेटा की शुद्धता, पारदर्शिता और त्वरित विश्लेषण संभव होगा। अधिकारियों को सीएमएमएस पोर्टल के माध्यम से कार्यों की निगरानी करने के निर्देश दिए गए हैं।
मुख्य प्रमुख जनगणना अधिकारी एवं जिला कलक्टर संदेश नायक ने बताया कि जयपुर जिले में अनुमानित 35.54 लाख आबादी के लिए जनगणना कार्य किया जाएगा। इसके लिए 38 चार्ज अधिकारी नियुक्त किए गए हैं, जिनमें 20 तहसीलदार, दो नगर परिषद आयुक्त और 16 अधिशासी अधिकारी शामिल हैं।
उन्होंने बताया कि जिले के 5,277 हाउस लिस्टिंग ब्लॉकों में 4,817 प्रगणक और 780 सुपरवाइजर 16 मई से 14 जून तक मकान सूचीकरण और गणना का कार्य करेंगे। साथ ही भीषण गर्मी को देखते हुए प्रगणकों और सुपरवाइजर्स के लिए आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।
भाषा
बाकोलिया रवि कांत