प्रयागराज, 18 अगस्त (भाषा) इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने प्रयागराज में बारिश के बाद हुए जलभराव का स्वतः संज्ञान लेते हुए मंगलवार को कहा कि नगर निगम की ‘‘विफलता’’ के कारण न्यायाधीशों को अदालत पहुंचने में विलंब हुआ।
अदालत ने प्रयागराज के जिलाधिकारी और नगर आयुक्त को अदालत में उपस्थित होकर यह बताने का निर्देश दिया कि बारिश के मौसम में, विशेषकर निचले इलाकों में जलभराव रोकने के लिए पहले से आवश्यक उपाय क्यों नहीं किए गए।
न्यायमूर्ति अजित कुमार और न्यायमूर्ति गरिमा प्रसाद की पीठ ने मूसलाधार बारिश के बाद शहर में हुए जलभराव के कारण न्यायाधीशों को अदालत पहुंचने में हो रही कठिनाइयों को देखते हुए यह कार्यवाही की।
अदालत ने शहरी विकास एवं नियोजन विभाग के सचिव को 20 अगस्त 2026 तक व्यक्तिगत हलफनामा दाखिल कर यह स्पष्ट करने का निर्देश दिया कि अत्यधिक बारिश के कारण शहर में जलभराव की स्थिति उत्पन्न न हो, इसके लिए क्या योजनाएं बनाई गई हैं।
अदालत ने महाधिवक्ता अजय कुमार मिश्र और अपर महाधिवक्ता एमसी चतुर्वेदी को इस मामले में अदालत को आवश्यक सहयोग प्रदान करने का भी निर्देश दिया।
भाषा सं राजेंद्र खारी
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