विद्यार्थियों को बौद्धिक रूप से सशक्त बनाएं उच्च शिक्षण संस्थान: राज्यपाल बागडे

विद्यार्थियों को बौद्धिक रूप से सशक्त बनाएं उच्च शिक्षण संस्थान: राज्यपाल बागडे

विद्यार्थियों को बौद्धिक रूप से सशक्त बनाएं उच्च शिक्षण संस्थान: राज्यपाल बागडे
Modified Date: August 1, 2026 / 02:55 pm IST
Published Date: August 1, 2026 2:55 pm IST

जयपुर, एक अगस्त (भाषा) राजस्थान के राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने शनिवार को कहा कि उच्च शिक्षण संस्थानों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने के साथ-साथ विद्यार्थियों को बौद्धिक रूप से सशक्त बनाने पर भी ध्यान देना चाहिए, ताकि एक मजबूत और सक्षम राष्ट्र का निर्माण हो सके।

बागडे ने बीकानेर स्थित स्वामी केशवानंद राजस्थान कृषि विश्वविद्यालय के 40वें स्थापना दिवस समारोह और डॉ. के. एन. नाग स्मृति व्याख्यानमाला को संबोधित करते हुए कहा कि राष्ट्र के प्रति कृतज्ञता का भाव रखने वाले युवाओं का योगदान देश को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय ने पिछले चार दशकों में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं और यहां से 28 हजार से अधिक विद्यार्थियों ने कृषि शिक्षा प्राप्त करके डिग्री हासिल की है।

उन्होंने सुझाव दिया कि राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विश्वविद्यालय का नाम रोशन करने वाले पूर्व विद्यार्थियों का व्यवस्थित रिकॉर्ड भी तैयार किया जाना चाहिए।

राज्यपाल ने विद्यार्थियों को संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) और राजस्थान लोक सेवा आयोग (आरपीएससी) जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं में शामिल होकर नीति-निर्माण से जुड़ने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने बौद्धिक विकास की आवश्यकता पर बल देते हुए शिक्षाविद् सुधा मूर्ति और जैव रसायन वैज्ञानिक कमला सोहनी के योगदान का उल्लेख किया तथा बालिकाओं को समान अवसर उपलब्ध कराने की वकालत की।

बागडे ने व्यावहारिक शिक्षा के महत्व पर जोर देते हुए ‘नकल मुक्त परीक्षा प्रणाली’ की दिशा में आगे बढ़ने का आह्वान किया। उन्होंने राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) के उन प्रावधानों का भी उल्लेख किया, जिनका उद्देश्य विद्यार्थियों की बौद्धिक क्षमता का विकास करना है।

केंद्रीय विधि एवं न्याय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) अर्जुन राम मेघवाल ने कहा कि ‘इंडिया एआई मिशन’ के तहत विश्वविद्यालय में इंडस्ट्री 4.0 के अंतर्गत कृषि क्षेत्र में 20 करोड़ रुपये की लागत से ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ (उत्कृष्टता केंद्र) स्थापित करने की मंजूरी दी गई है। उन्होंने कहा कि इससे क्षेत्र के किसानों और कृषि शोधकर्ताओं को लाभ मिलेगा।

समारोह के दौरान राज्यपाल ने मेघवाल को विश्वविद्यालय का सर्वोच्च शैक्षणिक सम्मान डॉक्टर ऑफ साइंस (डी.एससी.) प्रदान किया। उन्होंने विश्वविद्यालय द्वारा प्रकाशित पुस्तकों का विमोचन भी किया।

इससे पहले राज्यपाल ने नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) से अधिकृत विश्वविद्यालय के ड्रोन प्रशिक्षण केंद्र का उद्घाटन किया। उन्होंने परिसर में पौधरोपण भी किया और विश्वविद्यालय की गतिविधियों एवं उपलब्धियों पर आधारित एक प्रदर्शनी का अवलोकन किया।

भाषा बाकोलिया नेत्रपाल अमित

अमित


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