धर्मशाला, 21 जुलाई (भाषा) हिमाचल प्रदेश सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने विधायक ऐच्छिक निधि के कथित दुरुपयोग के मामले में देहरा के पूर्व विधायक होशियार सिंह के खिलाफ मामला दर्ज किया है। अधिकारियों ने मंगलवार को यह जानकारी दी।
अधिकारियों ने बताया कि ब्यूरो ने उन आरोपों की जांच तेज कर दी है, जिनमें कहा गया है कि लाभार्थियों के बैंक खातों में वित्तीय सहायता राशि जमा होने के बाद उनसे वह रकम वापस ले ली गई।
जांच की शुरुआत पूर्व विधायक से कथित रूप से जुड़ी एक फैक्टरी के कर्मचारी की शिकायत पर की गई थी। शिकायत, गवाहों के बयान, सरकारी अभिलेखों और संबंधित बैंक दस्तावेजों की जांच के बाद ब्यूरो को आपराधिक मामला दर्ज करने के लिए पर्याप्त आधार मिले।
प्रारंभिक जांच में सामने आया कि जुलाई 2023 से जनवरी 2024 के बीच विधायक ऐच्छिक निधि से 16 फैक्टरी कर्मचारियों को 50-50 हजार रुपये की वित्तीय सहायता स्वीकृत की गई और यह राशि उनके बैंक खातों में जमा कराई गई।
हालांकि, करीब आठ लाख रुपये की यह राशि बाद में लाभार्थियों से वापस ले ली गई।
प्राथमिकी 16 जुलाई को धर्मशाला स्थित सतर्कता ब्यूरो थाने में दर्ज की गई।
सतर्कता ब्यूरो के अनुसार, सत्यापन के दौरान जुटाए गए दस्तावेजी साक्ष्यों और बैंक रिकॉर्ड के आधार पर प्रथम दृष्टया सामने आया कि सरकारी धन का कथित रूप से निर्धारित उद्देश्य के विपरीत इस्तेमाल किया गया और जिन लाभार्थियों के नाम पर राशि स्वीकृत की गई थी, उन्हें उसका वास्तविक लाभ नहीं मिला।
सिंह 2017 और 2022 में देहरा विधानसभा क्षेत्र से विधायक निर्वाचित हुए थे। उन्हें बार-बार फोन किए जाने के बावजूद संपर्क नहीं हो सका।
निर्दलीय विधायक रहे सिंह ने 2024 में विधानसभा से इस्तीफा दे दिया था। उन्होंने भाजपा के टिकट पर इस सीट से उपचुनाव लड़ा, लेकिन मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह ठाकुर की पत्नी कमलेश ठाकुर से हार गए।
भाषा तान्या सुरेश
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