हिमाचल सरकार ने अधिकारियों के लिए ‘पार्टी परिधानों’ पर प्रतिबंध लगाया

हिमाचल सरकार ने अधिकारियों के लिए ‘पार्टी परिधानों’ पर प्रतिबंध लगाया

हिमाचल सरकार ने अधिकारियों के लिए ‘पार्टी परिधानों’ पर प्रतिबंध लगाया
Modified Date: March 18, 2026 / 06:57 pm IST
Published Date: March 18, 2026 6:57 pm IST

शिमला, 18 मार्च (भाषा) हिमाचल प्रदेश सरकार ने अपने कर्मचारियों के लिए सख्त ड्रेस कोड लागू किया है, जिसके तहत दफ्तरों और अदालतों में अब वे जींस, टी-शर्ट और पार्टी परिधान पहन कर नहीं जा सकेंगे।

इसके साथ ही, कर्मचारियों को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर सरकारी नीतियों पर टिप्पणी करने से भी मना किया गया है।

प्रदेश के मुख्य सचिव संजय गुप्ता की ओर से जारी विस्तृत दिशानिर्देशों के अनुसार, सभी सरकारी कर्मचारियों के लिए औपचारिक, साफ-सुथरे और सादे रंगों के शालीन कपड़े पहनना अनिवार्य किया गया है।

दिशानिर्देशों में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि कार्यालय में या अदालत में पेश होते समय कैजुअल या पार्टी परिधान पहनना वर्जित होगा।

इसके अनुसार, पुरुष कर्मचारियों के लिए ड्रेस कोड में कॉलर वाली शर्ट के साथ पैंट या ट्राउज़र पहनना अनिवार्य किया गया है, साथ ही उपयुक्त फुटवियर जैसे जूते या सैंडल पहनने होंगे। महिला कर्मचारियों के लिए साड़ी, सूट, सलवार, चूड़ीदार या दुपट्टे के साथ कुर्ता पहनना आवश्यक है।

इसमें कहा गया है कि इसके अलावा महिलायें ट्राउजर, पैंट और शर्ट के साथ चप्पल, सैंडल या जूते भी पहन सकती हैं। अधिकारियों ने बुधवार को बताया कि जींस और टी-शर्ट की अनुमति नहीं होगी।

सरकार ने कहा कि उसके समक्ष ऐसे मामले सामने आये, जहां कर्मचारी कैजुअल कपड़े पहन रहे थे और अपने निजी सोशल मीडिया खातों का उपयोग सरकारी योजनाओं को साझा करने या उत्पादों का समर्थन करने के लिए कर रहे थे।

दिशानिर्देशों में तीन अगस्त, 2017 के एक पत्र का उल्लेख किया गया है, जिसमें सलाह दी गई थी कि, “सभी सरकारी कर्मचारियों को उपयुक्त, औपचारिक, साफ-सुथरे, शालीन और सादे रंगों के वस्त्र पहनने चाहिए। अदालत में पेश होते समय और कार्यालय में रहते हुए कैजुअल एवं पार्टी वाले परिधान से बचना चाहिए।”

सरकार ने कहा कि पूर्व में दिए गए निर्देशों के बावजूद कई कर्मचारी अब भी इन दिशानिर्देशों का पालन नहीं कर रहे हैं। ड्रेस कोड को सख्ती से लागू करना सरकार के रुख की दूसरी बार पुनः पुष्टि है।

दिशानिर्देशों में जोर देकर कहा गया है, “ड्रेस कोड का उद्देश्य सेवाओं में शालीनता एवं अनुशासन बनाए रखना है, और कार्यालय में पहनावा औपचारिक होना चाहिए।

अधिकारियों को ऐसा औपचारिक परिधान पहनना चाहिए जिससे वे अधिकारी जैसे दिखाई दें, और कर्मचारियों को भी अपने साज-संवार तथा व्यक्तिगत स्वच्छता पर विशेष ध्यान देना चाहिए।”

इसके अलावा, दिशानिर्देशों में कर्मचारियों को अपने निजी सोशल मीडिया खातों के माध्यम से सरकारी नीतियों या योजनाओं पर राय व्यक्त करने से बचने की सलाह दी गई है, साथ ही किसी भी सार्वजनिक मंच, ब्लॉग या अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर राजनीतिक या धार्मिक बयान देने से भी बचने को कहा गया है।

इसमें कहा गया है कि बिना पूर्व अनुमति के किसी भी आधिकारिक जानकारी को निजी सोशल मीडिया हैंडल के माध्यम से सार्वजनिक नहीं किया जाना चाहिए, और कर्मचारियों को सोशल मीडिया के उपयोग में अनुशासन बनाए रखना होगा।

दिशानिर्देशों में चेतावनी दी गई है कि कर्मचारियों से अपेक्षा की जाती है कि वे इन सलाहों और निर्देशों का अक्षरशः और भावनात्मक रूप से पालन करें। किसी भी उल्लंघन को गंभीरता से लिया जाएगा और दोषी कर्मचारियों के खिलाफ सुधारात्मक या अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा सकती है।

भाषा रंजन नरेश

नरेश


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