शिमला, 18 अगस्त (भाषा) हिमाचल प्रदेश पुलिस ने दो अलग-अलग मामलों में पंजाब के दो मादक पदार्थ तस्करों को गिरफ्तार किया है। इनमें एक मादक पदार्थ तस्कर के पास से 1.12 किलोग्राम ‘चिट्टा’ भी जब्त किया गया। पुलिस ने मंगलवार को यह जानकारी दी।
यह गिरफ्तारियां तब हुईं जब पुलिस ने ‘चिट्टा’ के दो अलग-अलग मामलों में अपराध के मुख्य स्रोत और आपूर्तिकर्ताओं का पता लगाने की प्रक्रिया की जांच करते हुए इसके तार पंजाब से जोड़े, जिससे तरनतारन और मोगा से लेकर शिमला तक फैले कथित आपूर्ति नेटवर्क का पर्दाफाश हुआ।
यहां एक पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए शिमला की अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (शहर) मेहर पंवार ने बताया कि पुलिस ने तीन अगस्त को शोघी के पास विजय कुमार को 1.12 किलोग्राम चिट्टा के साथ गिरफ्तार किया था और स्वापक औषधि एवं मनःप्रभावी पदार्थ (एनडीपीएस) अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया था। उन्होंने बताया कि जांच के दौरान पुलिस ने कुमार से पूछताछ की, डिजिटल एवं तकनीकी साक्ष्यों का विश्लेषण किया और नेटवर्क के मुख्य स्रोत का पता लगाया।
पंवार ने कहा, ‘जांच में खुलासा हुआ कि इस प्रतिबंधित पदार्थ का मुख्य आपूर्तिकर्ता पंजाब के तरनतारन जिले का रहने वाला शुभकर्मन सिंह उर्फ सुल्तान (21) था।’
जांच में पता चला कि सिंह ने कुमार को कथित तौर पर मादक पदार्थ की आपूर्ति की। कुमार ‘सिग्नल’ एप के जरिये सिंह के संपर्क में था।
खेप मिलने के बाद कुमार शोघी आया, जहां उसकी योजना इसे छोटी-छोटी पुड़ियों में बांटकर अन्य तस्करों को बेचने की थी।
पंवार ने बताया कि त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस टीम सिंह को तरनतारन से गिरफ्तार कर शिमला ले आई। उन्होंने बताया कि मादक पदार्थ के मूल स्रोत का पता लगाने के लिए पूरे आपूर्ति नेटवर्क की जांच की जा रही है।
पंवार ने बताया कि एक अन्य मामले में तीन जुलाई को कोटखाई इलाके में तीन लोगों राहुल शर्मा, रक्षित चौहान और लवली शर्मा को 64 ग्राम चिट्टा के साथ गिरफ्तार किया गया था। उन्होंने कहा कि इन गिरफ्तारियों के बाद एनडीपीएस अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया था।
पंवार ने बताया कि जांच के बाद चंडीगढ़ के मादक पदार्थ तस्कर अमित महावे को गिरफ्तार किया गया, जिससे तीनों आरोपियों ने यह प्रतिबंधित पदार्थ खरीदा था।
उन्होंने बताया कि इसके बाद पुलिस ने आपूर्ति श्रृंखला की पड़ताल करते हुए पंजाब के मोगा निवासी कोमलप्रीत सिंह उर्फ लड्डी (26) को गिरफ्तार किया, जो इस नेटवर्क में मुख्य आपूर्तिकर्ता था और जिसने कथित तौर पर यह खेप पहुंचाई थी।
भाषा सुमित पवनेश
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