धर्मशाला, 21 फरवरी (भाषा) हिमाचल प्रदेश पुलिस ने गोद लेने की सुविधा प्रदान करने के बहाने नवजात शिशुओं की तस्करी में शामिल एक गिरोह का भंडाफोड़ किया है और पंजाब से दो लोगों को गिरफ्तार किया है तथा एक अन्य को हिरासत में लिया है। अधिकारियों ने शनिवार को यह जानकारी दी।
पुलिस ने बताया कि अभियान के कांगड़ा पुलिस की एक टीम ने एक नाबालिग को भी बचाया।
देहरा के पुलिस अधीक्षक मयंक चौधरी ने बताया कि रोहित राणा ने मंगलवार को शिकायत दर्ज कराई थी, जिसमें उसने आरोप लगाया था कि दीपक आनंद नामक व्यक्ति ने नवजात शिशु को गोद दिलाने के बहाने उससे 23,500 रुपये की धोखाधड़ी की है। मामले में तत्काल प्राथमिकी दर्ज की गई।
इसके बाद आरोपी का पता पंजाब के जालंधर में चला।
पुलिस ने बताया कि एक विशेष टीम ने लक्षित अभियान चलाकर जालंधर से दीपक आनंद को गिरफ्तार किया, जिसे बाद में अदालत ने आगे की पूछताछ के लिए पांच दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया।
आगे की जांच में पता चला कि दीपक पंजाब स्थित एक ऐसे गिरोह के एजेंट के रूप में काम कर रहा था जो नवजात शिशुओं की तस्करी में शामिल था।
गिरोह की कार्यप्रणाली के बारे में विस्तार से बताते हुए पुलिस ने कहा कि दीपक निस्संतान दंपतियों की पहचान करके उनसे संपर्क करता था और उन्हें पंजाब से संचालित गिरोह के सदस्यों से मिलवाता था। गिरोह अवैध तरीकों से नवजात शिशुओं को प्राप्त करता था और पैसों के बदले उन्हें दंपतियों को सौंप देता था।
टीम ने तस्करी नेटवर्क में सक्रिय रूप से शामिल होने के आरोप में पंजाब के बटाला की एक महिला को भी गिरफ्तार किया है। जालंधर की अनीता नाम की एक अन्य महिला को भी हिरासत में लिया गया है।
इस अभियान के दौरान पुलिस ने एक नाबालिग को भी बचाया। पुलिस ने बताया कि बच्चे को उचित देखभाल, संरक्षण और कानूनी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए एक विशेष दत्तक ग्रहण एजेंसी को सौंप दिया गया है।
पुलिस ने बताया कि गिरोह के अन्य सदस्यों की पहचान करने और उन्हें गिरफ्तार करने तथा पूरे तस्करी नेटवर्क को खत्म करने के लिए आगे की जांच जारी है।
भाषा तान्या माधव
माधव