शिमला, पांच मार्च (भाषा) हिमाचल प्रदेश से राज्यसभा की एकमात्र सीट के लिए कांग्रेस ने एक अप्रत्याशित उम्मीदवार को चुनते हुए कांगड़ा जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अनुराग शर्मा को उम्मीदवार बनाया है।
पूर्व केंद्रीय मंत्री आनंद शर्मा, पार्टी की राज्य इकाई की पूर्व अध्यक्ष प्रतिभा सिंह और पार्टी के अन्य वरिष्ठ नेताओं को राज्य से राज्यसभा सदस्य बनने का प्रबल दावेदार माना जा रहा था।
हालांकि, शर्मा की उम्मीदवारी ने कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) दोनों दलों के नेताओं को हैरानी में डाल दिया है। राज्यसभा के द्विवार्षिक चुनाव 16 मार्च को होंगे।
शर्मा को मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू का बहुत करीबी माना जाता है और कांग्रेस आला कमान द्वारा उनका चयन कांगड़ा जिले के लिए संतुलन साधने वाले कदम के रूप में देखा जा सकता है, जहां पार्टी ने पिछले विधानसभा चुनाव में 15 में से 10 सीट जीती थीं लेकिन उसे केवल दो मंत्री पद मिले थे।
सुक्खू ने बुधवार को कहा कि पार्टी कांग्रेस विधायक दल की बैठक के बाद अपने उम्मीदवार का नाम बताएगी, लेकिन पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व ने विधायक दल की बैठक से पहले ही उम्मीदवारों की सूची जारी कर दी।
अनुराग शर्मा को कांग्रेस में रहते हुए मंत्री रह चुके और अब भाजपा में शामिल हो गए विधायक सुधीर शर्मा का करीबी माना जाता था। उन्हें केवल दो महीने पहले जनवरी में जिला अध्यक्ष नियुक्त किया गया था।
उनके चयन ने राज्य में कई लोगों को हैरान कर दिया है। 1986 में राज्यसभा सीट के लिए चंदन शर्मा के नामांकन पर भी इसी तरह की प्रतिक्रिया हुई थी।
अनुराग शर्मा कांगड़ा के बैजनाथ क्षेत्र के बीर से आते हैं और बिलिंग पैराग्लाइडिंग एसोसिएशन के अध्यक्ष हैं।
शर्मा का जन्म 29 अगस्त, 1978 को हुआ था। वह 1998 से 2001 तक पार्टी की युवा शाखा के राज्य महासचिव के पद पर रहे।
भाषा सुरभि वैभव
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