हिमाचल प्रदेश सरकार ईंधन पर पांच रुपये प्रति लीटर उपकर लगाने के फैसले को वापस ले: भाजपा

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हिमाचल प्रदेश सरकार ईंधन पर पांच रुपये प्रति लीटर उपकर लगाने के फैसले को वापस ले: भाजपा

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  • Publish Date - March 24, 2026 / 08:23 PM IST,
    Updated On - March 24, 2026 / 08:23 PM IST

नयी दिल्ली, 24 मार्च (भाषा) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने मंगलवार को हिमाचल प्रदेश की कांग्रेस सरकार से ईंधन पर पांच रुपये प्रति लीटर उपकर लगाने के अपने फैसले को वापस लेने की मांग की।

राज्य की मुख्य विपक्षी पार्टी ने सरकार के इस फैसले को ‘जनविरोधी’ करार दिया।

भाजपा ने आरोप लगाया कि बढ़े हुए वैट और अतिरिक्त उपकर के जरिए जनता से सालाना करीब 1,000 करोड़ रुपये वसूले जाएंगे।

कांग्रेस के चुनाव पूर्व वादों का जिक्र करते हुए भाजपा ने राहुल गांधी पर भी निशाना साधा और कहा कि उनका ‘‘खटाखट मॉडल’’ आम लोगों पर बार-बार कर में बढ़ोतरी के रूप में बोझ डाल रहा है।

पार्टी ने दावा किया कि यह उपकर सीधे उन परिवारों को प्रभावित करेगा जो पहले से ही बढ़ती महंगाई से जूझ रहे हैं।

हिमाचल प्रदेश विधानसभा ने सोमवार को मूल्य वर्धित कर (वैट) संशोधन विधेयक पारित किया, जिसके तहत पेट्रोल एवं हाई-स्पीड डीजल पर पांच रुपये प्रति लीटर “अनाथ एवं विधवा” उपकर लगाने का प्रावधान किया गया है। विपक्षी भाजपा के सदस्य इस विधेयक का विरोध करते हुये सदन से बहिर्गमन कर गये।

विधेयक के ‘उद्देश्य और कारणों के विवरण’ के अनुसार, अनाथों और विधवाओं के लिए कल्याणकारी उपायों के प्रभावी कार्यान्वयन और मजबूती के लिए राजस्व का एक समर्पित, स्थिर और टिकाऊ स्रोत सुनिश्चित करने के लिए उपकर लगाया गया है।

पूर्व केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा, “विधानसभा चुनाव से पहले राहुल गांधी जी और प्रियंका जी ‘खटाखट मॉडल’ लेकर हिमाचल आए थे, लेकिन यह मॉडल इतना त्रुटिपूर्ण निकला कि राज्य की स्थिति खराब हो गई है।”

हमीरपुर से लोकसभा सदस्य ठाकुर ने संसद परिसर में संवाददाताओं से कहा, ‘‘हिमाचल प्रदेश की कांग्रेस सरकार ने आम आदमी की जेब पर हमला किया है। कर और वैट के जरिए सालाना 1,000 करोड़ रुपये से अधिक आम लोगों से वसूले जाएंगे।”

उन्होंने आरोप लगाया कि कम समय में कई बार कर में बढ़ोतरी की गई है।

ठाकुर ने कहा कि डीजल पर वैट चरणबद्ध तरीके से बढ़ाया गया और इसके ऊपर अतिरिक्त उपकर लगाकर उपभोक्ताओं पर और बोझ डाला गया है।

उन्होंने कहा, “कांग्रेस सरकार के सत्ता में आने के दो महीने के भीतर दो बार तीन-तीन रुपये वैट बढ़ाया गया। कुल मिलाकर डीजल पर वैट अब 10.40 रुपये तक पहुंचा दिया गया । इस पर अब पांच रुपये का अतिरिक्त उपकर लगा दिया गया है।”

पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा, “यह शायद पहली सरकार है जिसने आम आदमी की जेब पर एक नहीं, बल्कि तीन बार चोट की है।”

ठाकुर ने आरोप लगाया, “यह राहुल गांधी का ‘खटारा मॉडल’ है, जिसने हिमाचल को कमजोर स्थिति में पहुंचा दिया है। आम लोगों को हर साल 1,000 करोड़ रुपये से अधिक का बोझ उठाना पड़ रहा है।”

उन्होंने पेट्रोल और डीजल पर लगाए गए पांच रुपये के उपकर को वापस लेने की मांग की।

ठाकुर ने कहा, “हम इसकी निंदा करते हैं और मांग करते हैं कि पेट्रोल-डीजल पर लगाया गया पांच रुपये का उपकर वापस लिया जाए, ताकि लोगों पर बोझ कम हो सके।”

भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर किये सिलसिलेवार पोस्ट में दावा किया कि इस फैसले ने लोगों को संप्रग (संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन) सरकार के “काले दिनों” की याद दिला दी है।

उन्होंने कहा, “कांग्रेस गरीब-विरोधी है। हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस हमें संप्रग के काले दिनों की याद दिला दी है, जब पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बार-बार वृद्धि से आम आदमी परेशान था। जहां प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने वैश्विक ऊर्जा संकट के बावजूद कीमतों में स्थिरता सुनिश्चित की है, वहीं हिमाचल प्रदेश की कांग्रेस सरकार पेट्रोल के दाम में पांच रुपये की बढ़ोतरी कर रही है।”

भाजपा के एक अन्य राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने इस कदम को कांग्रेस के “पाखंड की पराकाष्ठा’’ करार दिया।

उन्होंने कहा, “कांग्रेस नेता जोर-शोर से यह आरोप लगा रहे हैं कि प्रधानमंत्री ने पेट्रोल और डीजल की कीमतें बढ़ाकर महंगाई बढ़ा दी है लेकिन कांग्रेस ने खुद ही कल्याणकारी उपकर लगाया है, जिसके परिणामस्वरूप ईंधन की कीमतों में पांच रुपये की वृद्धि हुई है।”

भाषा

राखी धीरज

धीरज