मोदी को मिले उपहारों की नीलामी में ‘एचएमएस विक्ट्री’ मॉडल, वारंगल द्वार की चांदी की प्रतिकृति शामिल

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मोदी को मिले उपहारों की नीलामी में ‘एचएमएस विक्ट्री’ मॉडल, वारंगल द्वार की चांदी की प्रतिकृति शामिल

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  • Publish Date - September 17, 2026 / 06:41 PM IST,
    Updated On - September 17, 2026 / 06:41 PM IST

नयी दिल्ली, 16 सितंबर (भाषा) काकतीय कला तोरणम की चांदी की प्रतिकृति, ‘रॉयल नेवी’ के प्रमुख पोत ‘एचएमएस विक्ट्री’ की हाथ से बारीकी से तैयार की गई प्रतिकृति और दमन में एक आधुनिक इमारत के वास्तु चित्रण को दर्शाने वाली जरदोजी कढ़ाई की कलाकृति बृहस्पतिवार से शुरू हुई प्रधानमंत्री स्मृति चिह्नों की आठवीं ई-नीलामी का हिस्सा हैं।

इस संस्करण में 1,498 स्मृति चिह्न और उपहार शामिल हैं, जो प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को देश के विभिन्न हिस्सों में कई अवसरों पर भेंट किए गए थे।

यह ई-नीलामी 17 सितंबर की सुबह शुरू हुई, जो मोदी के 76वें जन्मदिन का अवसर है।

केंद्रीय संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने बुधवार को संवाददाताओं से कहा था कि यह ई-नीलामी 31 अक्टूबर तक चलेगी। उन्होंने यह भी बताया था कि पिछली सात ई-नीलामी के दौरान 7,400 से अधिक वस्तुओं की नीलामी की गई, जिससे 52 करोड़ रुपये प्राप्त हुए।

संस्कृति मंत्रालय ने कहा कि प्रधानमंत्री स्मृति चिह्नों की ई-नीलामी भारत की विरासत, कला, शिल्प और सांस्कृतिक विविधता को दर्शाती है। इसके साथ ही यह जनता की भागीदारी को बढ़ावा देती है और ‘नमामि गंगे’ कार्यक्रम में योगदान देती है।

नीलामी के आठवें संस्करण में 50 ‘‘चिह्नित प्रमुख वस्तुएं’’ भी शामिल हैं, जिनमें कर्नाटक से भगवान राम का चांदी का स्मृति चिह्न शामिल है, जिसकी आधार कीमत 13.50 लाख रुपये रखी गई है। वहीं, काकतीय कला तोरणम की चांदी की प्रतिकृति की शुरुआती कीमत नौ लाख रुपये है।

जीवन वृक्ष को दर्शाने वाली गोंड कलाकृति की भी नीलामी की जाएगी, जिसकी आधार कीमत 7.5 लाख रुपये है। रथ पर भगवान जगन्नाथ परिवार की कलाकृति और सोने की परत चढ़ी राधा-कृष्ण कलाकृति को भी नीलामी में शामिल किया गया है, जिनकी आधार कीमत क्रमश: छह लाख रुपये और 5.40 लाख रुपये है।

काकतीय कला तोरणम, जिसे ‘वारंगल द्वार’ के नाम से भी जाना जाता है, भारत में काकतीय वंश से संबंधित 12वीं शताब्दी की एक शानदार वास्तुशिल्प कृति है।

भाषा

शफीक माधव

माधव