गृह मंत्री शाह ने एफसीआरए पोर्टल के नये प्रारूप, ई-ओसीआई कार्ड की शुरूआत की

गृह मंत्री शाह ने एफसीआरए पोर्टल के नये प्रारूप, ई-ओसीआई कार्ड की शुरूआत की

गृह मंत्री शाह ने एफसीआरए पोर्टल के नये प्रारूप, ई-ओसीआई कार्ड की शुरूआत की
Modified Date: June 30, 2026 / 08:12 pm IST
Published Date: June 30, 2026 8:12 pm IST

नयी दिल्ली, 30 जून (भाषा) केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को एफसीआरए पोर्टल के नये प्रारूप और ई-ओसीआई कार्ड की शुरूआत की और कहा कि इससे नागरिकों के लिए सुविधाएं बढ़ेंगी तथा पोर्टल के जरिए विदेशी अंशदान प्राप्त करने वालों को पेश आने वाली समस्याओं का समाधान होगा।

गृह मंत्री ने कहा कि हाल के वर्षों में आवेदनों की संख्या और अंशदान के प्रवाह में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।

उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि विदेशी अंशदान (विनियमन) अधिनियम (एफसीआरए) के कारण ‘‘गलत उद्देश्यों से आने वाले विदेशी अंशदान पर निगरानी बढ़ेगी।’’

गृह मंत्री ने कहा कि 2014 से पहले एफसीआरए फाइलों और प्रक्रियाओं में उलझा हुआ था और इसमें उचित निगरानी का अभाव था, जो राष्ट्रीय सुरक्षा और विकास दोनों के लिए बहुत जरूरी है।

उन्होंने कहा कि 2014 में नरेन्द्र मोदी सरकार बनने के बाद इस प्रणाली को मजबूत किया गया।

गृह मंत्री ने कहा, ‘‘जब नीयत साफ हो, नीति स्पष्ट हो और तकनीक को स्वीकारने की मानसिकता हो तो सभी प्रकार का शासन ईमानदार लोगों के लिए बहुत सरल हो जाता है, गलत करने वालों पर पैनी निगरानी की व्यवस्था होती है और देश को अधिक से अधिक सुरक्षित बनाया जा सकता है।’’

उन्होंने कहा कि आज की गई दोनों पहल नागरिकों की सुविधाएं बढ़ाएंगी और विशेष रूप से एफसीआरए पोर्टल के माध्यम से अंशदान प्राप्त करने वालों की दिक्कतों का निवारण होगा।

शाह ने कहा कि एफसीआरए पोर्टल का नवीनीकरण, संगठनों के लिए प्रक्रिया को बहुत सरल बना देगा।

उन्होंने कहा कि विगत वर्षों में आवेदनों की संख्या और अंशदान के प्रवाह में काफी वृद्धि हुई है, जिसे देखते हुए कागजी कार्यवाही में कमी लाना और विदेशी अंशदान पर वास्तविक समय पर प्रभावी निगरानी देश की सुरक्षा के लिए बहुत महत्वपूर्ण है।

शाह ने कहा कि आज शुरू हुई इस प्रणाली के माध्यम से भौतिक रूप से दस्तावेज जमा करने की प्रक्रिया समाप्त हो जाएगी और ई-हस्ताक्षर आधारित प्रमाणीकरण और एनजीओ (गैर सरकारी संगठन) दर्पण बैंक विवरण प्रणाली जैसी सुविधाएं सुनिश्चित होंगी।

उन्होंने कहा कि यह सारा डेटा ‘मेघराज’ (सरकारी क्लाउड) पर होने से डेटा चोरी की संभावनाएं बहुत कम हो जाती हैं। इसके साथ ही, अगले कुछ महीनों में एफसीआरए मोबाइल ऐप, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) संचालित ‘चैटबॉट’ और बैंकों के लिए एक विशेष ऑनलाइन डैशबोर्ड भी शुरू किया जाएगा।

गृह मंत्री ने कहा कि आज ई-ओसीआई (प्रवासी भारतीय नागरिक) कार्ड की भी शुरूआत की गई है। उन्होंने कहा कि ओसीआई प्रणाली में आने वाली शुरूआती समस्याओं को इस प्रणाली में दूर कर दिया गया है और इस प्रणाली से 50 लाख से अधिक ओसीआई कार्डधारकों को बहुत सुगमता होगी।

उन्होंने कहा, ‘‘20 वर्ष के बाद नया पासपोर्ट जारी होने पर ओसीआई पुस्तिका को पुनः जारी करने की आवश्यकता नहीं होगी और कार्डधारकों की पंजीकरण संख्या भी अनूठी हो जाएगी।’’

भाषा सुभाष पवनेश

पवनेश


लेखक के बारे में