अस्पताल ने काम के दौरान मलयालम में बात करने से नर्सों को रोकने संबंधी आदेश वापस लिया

अस्पताल ने काम के दौरान मलयालम में बात करने से नर्सों को रोकने संबंधी आदेश वापस लिया

अस्पताल ने काम के दौरान मलयालम में बात करने से नर्सों को रोकने संबंधी आदेश वापस लिया
Modified Date: November 29, 2022 / 07:54 pm IST
Published Date: June 6, 2021 7:46 am IST

नयी दिल्ली, छह जून (भाषा) दिल्ली के सरकारी गोविंद बल्लभ पंत अस्पताल के चिकित्सा निदेशक ने रविवार को कहा कि अस्पताल ने एक दिन पहले जारी अपने उस विवादास्पद आदेश को वापस ले लिया है, जिसमें उसके नर्सिंग कर्मचारियों से मलयालम भाषा में बात नहीं करने को कहा गया था।

चिकित्सा निदेशक डॉ. अनिल अग्रवाल ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ‘‘इस परिपत्र को वापस लेने का औपचारिक आदेश जल्द जारी किया जाएगा। मामले की जांच की जा रही है और इसके बाद कार्रवाई की जाएगी।’’

उल्लेखनीय है कि अस्पताल के नर्सिंग अधीक्षक ने शनिवार को एक परिपत्र जारी करके अपने नर्सिंग कर्मचारियों को काम के दौरान मलयालम भाषा में बात नहीं करने को कहा था, क्योंकि ‘‘अधिकतर मरीज और सहकर्मी इस भाषा को नहीं जानते हैं,’’ जिसके कारण बहुत असुविधा होती है।

यहां के प्रमुख अस्पतालों में से एक गोविंद बल्लभ पंत इंस्टीट्यूट ऑफ पोस्टग्रेजुएट मेडिकल एजुकेशन एंड रिसर्च (जीआईपीएमईआर) द्वारा जारी परिपत्र में नर्सों से कहा गया था कि वे संवाद के लिए केवल हिंदी और अंग्रेजी का उपयोग करें अन्यथा ‘‘कड़ी कार्रवाई’’ का सामना करने के लिए तैयार रहें ।

भाषा सिम्मी शोभना

शोभना


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