शबरिमला में प्रसाद की बिक्री से संबंधित टीडीबी प्रणाली में बड़़ी खामियां : केरल उच्च न्यायालय

शबरिमला में प्रसाद की बिक्री से संबंधित टीडीबी प्रणाली में बड़़ी खामियां : केरल उच्च न्यायालय

शबरिमला में प्रसाद की बिक्री से संबंधित टीडीबी प्रणाली में बड़़ी खामियां : केरल उच्च न्यायालय
Modified Date: February 19, 2026 / 10:28 am IST
Published Date: February 19, 2026 10:28 am IST

कोच्चि, 19 फरवरी (भाषा) केरल उच्च न्यायालय ने कहा कि शबरिमला मंदिर में प्रसाद की बिक्री के संबंध में त्रावणकोर देवस्वओम बोर्ड (टीडीबी) की प्रक्रिया, निगरानी, भंडार लेखांकन और वित्तीय नियंत्रण में ‘‘गहरे तक जड़ें जमा चुकी प्रणालीगत खामियां’’ मौजूद हैं।

अदालत ने कहा कि टीडीबी के लिए एक व्यापक, पारदर्शी और जवाबदेह ढांचा तैयार करने का समय आ गया है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि बोर्ड की वैध आय की विधिवत सुरक्षा की जाए और ‘‘उल्लंघन, चोरी या कुप्रबंधन के माध्यम से इसे बर्बाद न होने दिया जाए’’।

न्यायमूर्ति राजा विजयराघवन वी. और न्यायमूर्ति के. वी. जयकुमार की पीठ ने शबरिमला में भगवान अयप्पा के मंदिर में श्रद्धालुओं को बेचे जाने वाले पवित्र प्रसाद ‘आदिया सिष्टम घी’ की बिक्री के संबंध में टीडीबी कर्मचारियों द्वारा कथित रूप से धन के दुरुपयोग की जांच कर रही वीएसीबी विशेष जांच टीम (एसआईटी) की रिपोर्ट का अध्ययन करने के बाद ये टिप्पणियां कीं।

सतर्कता और भ्रष्टाचार विरोधी ब्यूरो (वीएसीबी) के अधिकारियों वाली एसआईटी ने पीठ को बताया कि उसने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और भारतीय न्याय संहिता के संबंधित प्रावधानों के तहत 33 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है, जिनमें मंदिर के विशेष अधिकारी और लगभग 30 अन्य कर्मी शामिल हैं।

पीठ ने इस संबंध में एसआईटी को अपनी जांच आगे बढ़ाने और 45 दिनों के भीतर अपनी जांच पूरी करने का निर्देश दिया।

रिपोर्ट के निष्कर्षों का अध्ययन करने के बाद पीठ ने कहा, ‘‘…हमें कई अनियमितताएं मिली हैं जो गहरी जड़ें जमा चुकी प्रणालीगत कमियों के लक्षण हैं। हमारे विचार में बोर्ड को इन कमियों को तत्काल दूर करने की आवश्यकता है।’’

अदालत ने आगे कहा, ‘‘ये कोई छिटपुट अनियमितताएं नहीं हैं, बल्कि प्रक्रिया, पर्यवेक्षण, भंडार लेखांकन और वित्तीय नियंत्रण में प्रणालीगत कमियों की ओर इशारा करती हैं।’’

भाषा सुरभि रंजन

रंजन


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