उत्तरकाशी की सिलक्यारा सुरंग में कंक्रीट की परत गिरने से मजदूर की मौत, साथियों ने काम रोका

उत्तरकाशी की सिलक्यारा सुरंग में कंक्रीट की परत गिरने से मजदूर की मौत, साथियों ने काम रोका

उत्तरकाशी की सिलक्यारा सुरंग में कंक्रीट की परत गिरने से मजदूर की मौत, साथियों ने काम रोका
Modified Date: July 16, 2026 / 04:45 pm IST
Published Date: July 16, 2026 4:45 pm IST

उत्तरकाशी, 16 जुलाई (भाषा) उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले में बृहस्पतिवार को राष्ट्रीय राजमार्ग पर निर्माणाधीन सिलक्यारा सुरंग के अंदर कंक्रीट की सुरक्षात्मक परत का एक हिस्सा टूटकर गिर गया, जिसकी चपेट में आने से एक मजदूर की मौत हो गई। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।

अधिकारियों ने बताया कि हादसे में जान गंवाने वाले मजदूर की पहचान झारखंड निवासी नरेश गंझू (22) के रूप में हुई है। उन्होंने बताया कि घटना के बाद साथी मजदूरों ने गंझू के परिजन को उचित मुआवजा दिए जाने और सुरंग के भीतर सुरक्षा व्यवस्था और मजबूत किए जाने की मांग करते हुए काम रोक दिया।

उत्तरकाशी के जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र ने राष्ट्रीय राजमार्ग एवं अवसंरचना विकास निगम लिमिटेड (एनएचआईडीसीएल) के हवाले से बताया कि हादसा मध्यरात्रि के बाद करीब दो बजे सुरंग के बड़कोट सिरे से 900 मीटर अंदर हुआ, जब वहां लगाई जा रही कंक्रीट की परत का एक हिस्सा अचानक टूटकर नीचे गिर गया और वेल्डर का काम करने वाला गंझू उसकी चपेट में आ गया।

जानकारी के मुताबिक, हादसे में गंभीर रूप से घायल गंझू को अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया।

अधिकारियों ने बताया कि कंपनी की ओर से मृतक के परिजन को घटना की सूचना दे दी गई है और उनके पहुंचने के बाद पोस्टमार्टम की कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि मृतक के शव को फिलहाल निकटवर्ती नौगांव अस्पताल के मुर्दाघर में रखा गया है।

उधर, साथी की मौत से आक्रोशित मजदूरों ने निर्माण कार्य बंद कर कंपनी के कैंप कार्यालय के आगे डेरा डाल दिया।

मजदूर दीप रंजन ने कहा कि उनकी मांग है कि मृतक के परिजन को सम्मानजनक मुआवजा दिया जाए और सुरंग के भीतर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम सुनिश्चित किए जाएं, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

एक अन्य मजदूर अवधेश कुमार ने कहा कि जब तक मृतक के परिवार को उचित मुआवजा नहीं दिया जाता और सुरंग के अंदर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर ठोस आश्वासन नहीं मिलता, तब तक काम बंद रखा जाएगा। उसने कहा कि मजदूरों की सुरक्षा किसी भी निर्माण एजेंसी की पहली प्राथमिकता होनी चाहिए।

सुरंग का निर्माण कर रही नवयुग कंपनी के महाप्रबंधक रविकांत सिंह ने कहा कि निर्माण स्थल पर सुरक्षा के सभी जरूरी इंतजाम किए गए हैं, लेकिन फिर भी अगर कहीं कोई कमी रह गई है, तो उसकी समीक्षा कर तत्काल सुधार किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि मृतक के परिजन को नियमानुसार हरसंभव आर्थिक सहायता और मुआवजा दिया जाएगा।

नवंबर 2023 में भी सिलक्यारा सुरंग के अंदर हादसा हुआ था, जब उसका एक हिस्सा धंसने से 41 मजदूर 17 दिन तक अंदर फंसे रहे थे। विभिन्न एजेंसियों की मदद से दिन-रात युद्धस्तर पर चलाए गए बचाव एवं राहत अभियान के बाद सभी को सुरक्षित बाहर निकाला गया था।

हालांकि, उत्तरकाशी के जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने स्पष्ट किया कि यह हादसा तीन साल पहले हुई घटना जैसा नहीं है। उन्होंने कहा, “इस मामले में मलबा धंसने या मजदूरों के फंसने जैसी कोई स्थिति नहीं है।”

भाषा

सं दीप्ति पारुल

पारुल


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