बेंगलुरु, आठ जनवरी (भाषा) असम में होने वाले विधानसभा चुनावों के लिए कांग्रेस का वरिष्ठ पर्यवेक्षक नियुक्त किए गए कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने बृहस्पतिवार को कहा कि उनके पास कोई विकल्प नहीं है और एक कांग्रेसी होने के नाते, उन्हें पार्टी के लिए काम करना होगा।
शिवकुमार के अलावा छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और झारखंड के पूर्व विधायक बंधु तिर्की को कांग्रेस ने असम विधानसभा चुनावों के लिए पार्टी के वरिष्ठ पर्यवेक्षक के रूप में बुधवार को नियुक्त किया है।
असम में हिमंत विश्व शर्मा के नेतृत्व वाली भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार के खिलाफ कांग्रेस अपनी जीत की उम्मीद कर रही है।
कांग्रेस की कर्नाटक इकाई के अध्यक्ष शिवकुमार ने यहां पत्रकारों से कहा, “मेरे पास कोई विकल्प नहीं है। पार्टी जो भी करने को कहेगी, हमें वही करना होगा। कांग्रेसी होने का यही मतलब है। मैंने एआईसीसी (अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी) की प्रेस विज्ञप्ति देखी है और उन्होंने मुझे असम की जिम्मेदारी सौंपी है। मैं बहुत समय पहले भी असम जा चुका हूं और अब वे मुझे फिर से वहां बुला रहे हैं। मैं जाऊंगा।”
असम में 126 सीट के लिए विधानसभा चुनाव मार्च-अप्रैल में होने की संभावना है।
शिवकुमार की यह नई भूमिका कर्नाटक में मुख्यमंत्री पद के विवाद में एक नया मोड़ लेकर आई है, क्योंकि नेतृत्व परिवर्तन की चर्चाओं के बीच उन्हें मुख्यमंत्री पद का प्रबल दावेदार माना जा रहा है। असम की जिम्मेदारी के लिए पार्टी द्वारा उनका चयन दक्षिणी राज्य के राजनीतिक हलकों में हलचल बढ़ा दी है।
कर्नाटक में कांग्रेस सरकार ने 20 नवंबर को अपने पांच साल के कार्यकाल का आधा समय पूरा कर लिया है और इसके बाद मुख्यमंत्री परिवर्तन की अटकलों के बीच पार्टी के भीतर सत्ता संघर्ष तेज हो गया है।
भाषा यासिर प्रशांत
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