नयी दिल्ली, 23 अगस्त (भाषा) अभिनेता बॉबी देओल ने शनिवार को कहा कि उन्हें खलनायक की भूमिकाओं के लगातार प्रस्ताव मिल रहे हैं, लेकिन वह अलग-अलग तरह की परियोजनाओं में काम करके इस छवि से बाहर निकलने का लगातार प्रयास कर रहे हैं।
बॉबी ने यहां जागरण फिल्म महोत्सव से इतर संवाददाताओं से कहा कि जब कोई अभिनेता किसी खास तरह के किरदार में सफल हो जाता है तो उसके बाद उसे उसी तरह की भूमिकाओं में बांध दिया जाना स्वाभाविक है।
अभिनेता ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ‘‘अगर कोई अभिनेता किसी खास तरह की भूमिका में सफल हो जाता है, तो उसे उसी तरह की भूमिकाएं मिलती रहती हैं। फिल्म उद्योग में ऐसा ही होता है और मैं इससे बाहर निकलने के लिए बहुत कोशिश करता हूं। मैंने हाल ही में ‘बंदर’ नाम की फिल्म की है, जो काफी अलग थी।’’
फिल्म ‘बंदर’ में बॉबी ने एक उम्रदराज अभिनेता की भूमिका निभाई है, जिस पर उसकी पूर्व प्रेमिका ने दुष्कर्म का आरोप लगाया है। फिल्म का निर्देशन अनुराग कश्यप ने किया है। यह फिल्म जून में सिनेमाघरों में रिलीज हुई थी और समीक्षकों से इसे सकारात्मक प्रतिक्रियाएं मिली थीं।
बॉबी की इस साल की दो अन्य परियोजनाओं में ‘अल्फा’ तथा ‘जन नायकन’ है। फिल्म जन नायकन में बॉबी ने तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय के साथ काम किया है। इन दोनों फिल्मों में भी अभिनेता ने खलनायक की भूमिका निभाई है।
अभिनेता ने कहा कि जब भी उन्हें खलनायक की भूमिका मिलती है, वह उस किरदार को अलग तरीके से निभाने की कोशिश करते हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘खलनायक की भूमिकाओं में भी अलग-अलग तरह के खलनायक होते हैं, जिनके अलग-अलग पहलू होते हैं। इसलिए मुझे उन्हें निभाने में मजा आता है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘मैं कुछ वेब सीरीज भी करने जा रहा हूं, जो अलग तरह की होंगी।’’
बॉबी की अगली परियोजना प्राइम वीडियो की सीरीज ‘तीन कौवे’ है।
यह पूछे जाने पर कि एक अभिनेता के तौर पर ऐसी कौन सी विधा है, जिसे आजमाने में वह सहज महसूस नहीं करेंगे, बॉबी ने कहा कि वह ‘ओवर-द-टॉप कॉमेडी और ‘स्लैपस्टिक कॉमेडी’ को ज्यादा नहीं समझते।’
‘स्लैपस्टिक कॉमेडी’ यानी ऐसी हास्य शैली जिसमें शारीरिक हरकतों, गिरने-पड़ने, मारपीट या अतिरंजित मजाकिया स्थितियों से हंसाया जाता है।
जागरण फिल्म महोत्सव का 2026 संस्करण 22 अगस्त को समाप्त होगा।
भाषा राखी सुरेश
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