कोच्चि, 21 अगस्त (भाषा) केरलम के मुख्यमंत्री वी. डी. सतीशन ने शुक्रवार को कहा कि पिछली एलडीएफ सरकार के कार्यकाल के दौरान पुनर्जनी बाढ़ पुनर्वास योजना से जुड़े मामले में सतर्कता विभाग ने उन्हें क्लीन चिट दे दी थी। उन्होंने आरोप लगाया कि इस मुद्दे को बेवजह चुनाव प्रचार का हिस्सा बनाया गया।
सतीशन अपने विधानसभा क्षेत्र नॉर्थ परवूर में पुनर्जनी बाढ़ पुनर्वास कार्यक्रम के तहत नए घरों की आधारशिला रखने के बाद संवाददाताओं से बातचीत कर रहे थे।
यह योजना 2018 की बाढ़ से प्रभावित लोगों के लिए सतीशन ने अपने विधानसभा क्षेत्र में शुरू की थी।
पिछली वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) सरकार के कार्यकाल में सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (वीएसीबी) ने पुनर्वास कार्यक्रम के लिए विदेश से जुटाई गई धनराशि को लेकर प्रारंभिक जांच की थी।
हाल ही में सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (वीएसीबी) की जांच के आधार पर गृह विभाग ने सतीशन को क्लीन चिट दी थी, जिसके बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि वास्तव में यह क्लीन चिट पिछली एलडीएफ सरकार ने ही दी थी।
उन्होंने कहा, “वीएसीबी ने खुद इसकी जांच की, लेकिन कुछ नहीं मिला। फिर से जांच की, तब भी कुछ नहीं मिला। बस इतनी-सी बात है।”
सतीशन ने कहा कि वीएसीबी के निदेशकों द्वारा सौंपी गई दो रिपोर्ट, जिनमें योजना में किसी तरह की गड़बड़ी नहीं पाए जाने की बात कही गई थी, एलडीएफ सरकार के पास पहले से मौजूद थीं। इसके बावजूद, वाम मोर्चे ने चुनाव प्रचार के दौरान इस मुद्दे को लेकर उन्हें निशाना बनाया।
उन्होंने कहा, “उनके ही पुलिस बल के दो सतर्कता निदेशकों ने इसकी जांच की और रिपोर्ट दी कि यह योजना पूरी तरह से सही तरीके से संचालित की गई थी। मैंने कभी यह नहीं कहा कि यह राजनीतिक दुर्भावना से प्रेरित जांच थी। मैं ऐसा कभी नहीं कहूंगा। मैंने तो उनसे कहा था कि वे आगे बढ़ें और जांच करें।”
उन्होंने कहा कि उन्हें पूरा भरोसा था कि जांच के अंत में उन्हें क्लीन चिट मिल जाएगी।
उन्होंने कहा, “विधानसभा में मेरा भाषण देखिए। मैंने कहा था कि जिस भी एजेंसी से जांच कराई जाएगी, वह क्लीन चिट देगी और वे इसकी सराहना तक करेंगे।”
सतीशन ने कहा कि विवादों के बावजूद पुनर्वास योजना के तहत निर्माण कार्य जारी हैं।
उन्होंने कहा, “आज सुबह पांच घरों के निर्माण के लिए आधारशिला रखी जा रही है। इसके अलावा पांच और घरों तथा चार घरों वाले एक फ्लैट परिसर का निर्माण पूरा हो चुका है। इन सबको लेकर समस्याएं खड़ी करने की कोशिशों के बावजूद यह काम जारी है।”
भाषा तान्या पवनेश
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