नयी दिल्ली, 15 जुलाई (भाषा) तृणमूल कांग्रेस के नेता साकेत गोखले ने बुधवार को केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को पत्र लिखकर कहा कि पिछले 18 दिनों से अनशन पर बैठे सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को ‘‘अगर कुछ भी हुआ’’ तो इसके लिए केंद्र सरकार जिम्मेदार होगी।
उन्होंने शिक्षा मंत्री प्रधान से कॉजपा (कॉकरोच जनता पार्टी) के प्रदर्शनकारियों के साथ बातचीत शुरू करने की भी अपील की।
पूर्व सांसद गोखले ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर साझा किए गए अपने पत्र में कहा कि वांगचुक की हालत ‘अत्यधिक नाजुक’ है और भूख हड़ताल शुरू करने के बाद से उनका वजन आठ किलोग्राम से अधिक घट गया है।
राज्यसभा सदस्य गोखले ने पत्र में कहा, ‘खबरों की मानें तो नीट की परीक्षा में गड़बड़ियों और पेपर लीक के कारण पैदा हुए तनाव की वजह से 12 युवा छात्र आत्महत्या कर चुके हैं। हम यहां उन निर्दोष जिंदगियों की बात कर रहे हैं जो इसलिए खत्म हो गईं क्योंकि व्यवस्था ने उन्हें निराश किया।’’
उन्होंने पत्र में इस बात का उल्लेख किया कि वांगचुक और प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांग ‘‘नीट और सीबीएसई परीक्षाओं में बार-बार हुई गड़बड़ियों को लेकर आपके (धर्मेंद्र प्रधान के) इस्तीफे की है।’’
गोखले का कहना है, ‘एक टीवी साक्षात्कार में आपने भी इस मामले में अपनी जिम्मेदारी स्वीकार की है। लोकतंत्र में, ऐसी विफलताओं के बाद जिम्मेदार मंत्री के लिए सही और नैतिक कदम इस्तीफा देना ही होता है। तथ्य यह है कि आपने इस्तीफे की पेशकश तक नहीं की है, जो लाखों छात्रों और युवाओं की सबसे बड़ी शिकायत रही है।’’
उन्होंने आगे कहा, ‘आप इस्तीफा देते हैं या नहीं, यह ऐसा निर्णय है जो आपके अपने नैतिक विवेक पर छोड़ देना ही बेहतर है। हालांकि, यह बेहद शर्म की बात है कि आपने लाखों छात्रों की ओर से चिंताएं व्यक्त कर रहे वांगचुक के साथ बातचीत का कोई रास्ता तक नहीं खोला है।’’
तृणमूल नेता ने प्रधान से अपील की कि वे लाखों छात्रों के लिए आंदोलन कर रहे ‘‘सच्चे गांधीवादी’’ वांगचुक से संपर्क करें।
भाषा हक हक मनीषा
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