अगर संसद में परिसीमन विधेयक पारित होता है तो इसके खिलाफ उच्चतम न्यायालय जाएंगे: द्रमुक

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अगर संसद में परिसीमन विधेयक पारित होता है तो इसके खिलाफ उच्चतम न्यायालय जाएंगे: द्रमुक

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  • Publish Date - April 16, 2026 / 08:42 PM IST,
    Updated On - April 16, 2026 / 08:42 PM IST

चेन्नई, 16 अप्रैल (भाषा) द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) ने बृहस्पतिवार को कहा कि यदि परिसीमन विधेयक संसद से पारित होता है, तो वह इसके खिलाफ उच्चतम न्यायालय का रुख करेगी।

विधानसभा चुनाव के लिए पार्टी का प्रचार गीत जारी करते हुए द्रमुक के विधि विभाग के सचिव एन. आर. इलंगो ने कहा कि कानूनी विकल्प हमेशा खुला है।

उन्होंने कहा, “हम दक्षिणी राज्यों के हित में कानूनी कदम उठाएंगे।”

हालांकि, उन्होंने विधेयक के संसद से पारित होने और राष्ट्रपति से मंजूरी मिलने पर संदेह जताया।

इलांगो के बयान का समर्थन करते हुए पार्टी के संगठन सचिव आर. एस. भारती ने कहा, “हमें उच्चतम न्यायालय पर पूरा भरोसा है और हमारे पास अदालत जाने के लिए ठोस आधार मौजूद हैं।”

संसद में केंद्रीय मंत्री अमित शाह द्वारा दिए गए आश्वासन पर उन्होंने कहा, “सिर्फ मौखिक आश्वासन भरोसा नहीं जगाते। विधेयक में स्पष्ट प्रावधान होना चाहिए था, लेकिन ऐसा नहीं है। किसी तरह की ठोस गारंटी नहीं दी गई है।”

भारती ने दावा किया कि परिसीमन विधेयक संसद में पारित नहीं हो पाएगा। उन्होंने कहा कि तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल दोनों राज्यों के पास 80 से अधिक सांसद हैं।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नोटबंदी के फैसले का जिक्र करते हुए भारती ने इसे “पूरी तरह विफल” बताया और कहा कि सरकार इससे काला धन निकालने में नाकामयाब रही।

उन्होंने कहा, “इसी तरह परिसीमन की प्रक्रिया भी नाकाम होगी। इससे दक्षिणी राज्यों के हित प्रभावित होंगे और उत्तर तथा दक्षिण के बीच नए विवाद खड़े हो सकते हैं।”

भाषा खारी अविनाश

अविनाश