नयी दिल्ली, सात मई (भाषा) नाबालिगों के यौन शोषण के 44,126 मामलों में से 96.6 प्रतिशत मामलों में करीबी परिचित ही मुख्य अपराधी के रूप में सामने आए हैं। यह जानकारी राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) की ताजा रिपोर्ट में सामने आयी है।
एनसीआरबी द्वारा जारी अपनी रिपोर्ट ‘भारत में अपराध 2024’ में बताया गया है कि वर्ष के दौरान देश भर में नाबालिगों पर यौन हमले से संबंधित ‘लैंगिक अपराधों से बच्चों का संरक्षण अधिनियम’ (पॉक्सो) की धारा चार और छह के तहत कुल 44,126 मामले दर्ज किए गए हैं।
नवीनतम एनसीआरबी आंकड़ों के अनुसार, ये आंकड़े एक भयावह तस्वीर पेश करते हैं क्योंकि इस श्रेणी में आने वाले कुल 44,126 मामलों में से 42,634 (लगभग 96.6 प्रतिशत) मामलों में करीबी परिचित प्रमुख आरोपी के रूप में सामने आए हैं।
आंकड़ों से पता चलता है कि 3,658 मामलों में परिवार के सदस्य शामिल थे, जबकि 16,668 मामलों में पारिवारिक मित्र, पड़ोसी, नियोक्ता या अन्य परिचित व्यक्तियों का नाम लिया गया था।
इनमें से सबसे अधिक मामले दोस्तों, ऑनलाइन दोस्तों या सह-जीवन साथी द्वारा विवाह का झांसा देकर किए गए थे, जिनकी संख्या 22,308 थी।
जिन मामलों में अपराधी अज्ञात था या उसकी पहचान नहीं हो पाई, उनकी संख्या मात्र 1,492 थी, जो कुल मामलों का 3.4 प्रतिशत है।
राज्यों में तमिलनाडु में सबसे अधिक 5,320 पॉक्सो के मामले दर्ज किए गए, उसके बाद महाराष्ट्र में 4,829 और मध्य प्रदेश में 3,721 मामले दर्ज किए गए। उत्तर प्रदेश 3,671 मामलों के साथ अगले स्थान पर रहा।
केंद्र शासित प्रदेशों में, दिल्ली में सबसे अधिक 1,038 मामले दर्ज किए गए, उसके बाद जम्मू-कश्मीर में 228 और पुडुचेरी में 82 मामले दर्ज किए गए। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में 77 मामले सामने आए।
आंकड़ों से यह भी पता चलता है कि आंध्र प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, नगालैंड, सिक्किम, उत्तराखंड, त्रिपुरा और चंडीगढ़, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, दादरा और नगर हवेली और दमन और दीव, लक्षद्वीप, लद्दाख और पुडुचेरी सहित कई केंद्र शासित प्रदेशों और राज्यों में 100 प्रतिशत मामले ज्ञात अपराधियों से जुड़े हुए पाए गए।
भाषा तान्या माधव
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