हरियाणा विधानसभा में कांग्रेस ने कार्यकर्ताओं और जिला प्रमुखों को नजरबंद करने का आरोप लगाया

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हरियाणा विधानसभा में कांग्रेस ने कार्यकर्ताओं और जिला प्रमुखों को नजरबंद करने का आरोप लगाया

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  • Publish Date - February 25, 2026 / 08:45 PM IST,
    Updated On - February 25, 2026 / 08:45 PM IST

चंडीगढ़, 25 फरवरी (भाषा) हरियाणा विधानसभा में विपक्षी कांग्रेस ने बुधवार को दावा किया कि उसके कई कार्यकर्ताओं और जिला प्रभारियों को ‘नजरबंद’ किया गया है। पार्टी का आरोप है कि उन्हें ‘मनरेगा बचाओ संग्राम’ के तहत विधानसभा के प्रस्तावित घेराव कार्यक्रम में शामिल होने से रोकने के लिए यह कदम उठाया गया है।

हालांकि, सत्तापक्ष ने विपक्ष द्वारा लगाए गए इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया।

सदन में प्रश्नकाल समाप्त होने के बाद, कांग्रेस सदस्य बी. बी. बत्रा ने उक्त आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि ऐसा इसलिए किया गया है ताकि कार्यकर्ताओं को विधानसभा घेराव कार्यक्रम में भाग लेने के लिए चंडीगढ़ पहुंचने से रोका जा सके।

विपक्ष के नेता भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने आरोप लगाया कि पहली बार जिला अध्यक्षों और कार्यकर्ताओं को नजरबंद किया गया है।

हुड्डा ने सवाल किया, ‘मैं चाहता हूं कि सरकार जवाब दे। किसके आदेश पर उन्हें नजरबंद किया गया है?’

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा, ‘पुलिस ने न तो किसी से कुछ कहा है, न ही वे कहीं गए हैं और न ही ऐसी कोई बात (नजरबंदी) मेरे संज्ञान में है।’

उन्होंने कहा कि किसी को भी चंडीगढ़ आने से नहीं रोका गया है।

मुख्यमंत्री ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि जनता ने इस पार्टी को नकार दिया है क्योंकि यह केवल झूठ फैलाती है। सैनी ने कहा, ‘कभी वे कहते हैं कि संविधान खतरे में है, फिर कहते हैं कि ईवीएम हैक हो गई है और इसके बाद वे वोट चोरी के आरोप लगाने लगते हैं।’

बाद में पत्रकारों से बातचीत करते हुए हुड्डा ने सवाल उठाया कि मुख्यमंत्री, जिनके पास गृह विभाग का प्रभार भी है, कैसे इस बात से अनजान हो सकते हैं कि कांग्रेस कार्यकर्ताओं और नेताओं को नजरबंद किया गया है।

कांग्रेस की हरियाणा इकाई ने बुधवार को महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) में किए गए बदलावों के खिलाफ प्रदर्शन किया और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सरकार पर गरीबों के लिए बनी इस सामाजिक सुरक्षा योजना को कमजोर करने का आरोप लगाया।

भाषा प्रचेता अविनाश

अविनाश