त्रिपुरा में ‘हिंसा’ की घटनाओं की जांच उच्च न्यायालय के न्यायाधीश से कराई जाए: कांग्रेस

त्रिपुरा में 'हिंसा' की घटनाओं की जांच उच्च न्यायालय के न्यायाधीश से कराई जाए: कांग्रेस

त्रिपुरा में ‘हिंसा’ की घटनाओं की जांच उच्च न्यायालय के न्यायाधीश से कराई जाए: कांग्रेस
Modified Date: November 29, 2022 / 08:39 pm IST
Published Date: February 27, 2022 8:39 pm IST

नयी दिल्ली, 27 फरवरी (भाषा) कांग्रेस ने त्रिपुरा में हुई हिंसा की घटनाओं की उच्च न्यायालय के न्यायाधीश से स्वतंत्र जांच कराने की रविवार को मांग की और कहा कि मुख्यमंत्री को इस्तीफा दे देना चाहिए क्योंकि वह ऐसी घटनाओं पर लगाम लगाने में विफल रहे हैं।

विपक्षी दल ने आरोप लगाया कि पूर्वोत्तर राज्य में हिंसा की ऐसी सभी घटनाएं मुख्यमंत्री बिप्लब कुमार देब और सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के संरक्षण में हो रही हैं।

कांग्रेस नेता अलका लांबा ने यहां संवाददाताओं से कहा कि त्रिपुरा में उनकी पार्टी के कार्यकर्ताओं के खिलाफ हिंसा की जा रही है और राज्य की भाजपा सरकार दंड प्रक्रिया संहिता (सीआरपीसी) की धारा 144 के तहत निषेधाज्ञा लागू कर लोगों की आवाज दबाने की कोशिश कर रही है।

उन्होंने कहा, ”आप त्रिपुरा में सत्तारूढ़ भाजपा के खिलाफ उठ रही आवाज को निषेधाज्ञा लागू करके नहीं दबा सकते। यह राज्य सरकार की विफलता है और हम मांग करते हैं कि हिंसा की सभी घटनाओं की जांच उच्च न्यायालय के मौजूदा न्यायाधीश से कराई जाए।”

उच्चतम न्यायालय ने पिछले साल त्रिपुरा में हुई हिंसा की कथित घटनाओं की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच की मांग करने वाले एक याचिकाकर्ता को शुक्रवार को राज्य के उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाने की अनुमति दी थी।

न्यायमूर्ति डी वाई चंद्रचूड़ और न्यायमूर्ति सूर्यकांत की पीठ ने राज्य पुलिस को निर्देश दिया कि वह याचिकाकर्ता एहतेशाम हाशमी के खिलाफ कोई दंडात्मक कार्रवाई न करे।

भाषा जोहेब नेत्रपाल

नेत्रपाल


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