प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत और सनातन सभ्यता का विकास होता रहेगा: हिंदू धर्मगुरु

प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत और सनातन सभ्यता का विकास होता रहेगा: हिंदू धर्मगुरु

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  • Publish Date - January 5, 2026 / 11:01 PM IST,
    Updated On - January 5, 2026 / 11:01 PM IST

नयी दिल्ली, पांच जनवरी (भाषा) कई प्रमुख हिंदू संतों ने महमूद गजनी द्वारा सोमनाथ मंदिर के पहले विध्वंस की 1,000वीं बरसी पर लिखे गए ब्लॉग पोस्ट के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सोमवार को सराहना की और कहा कि जब तक वह सत्ता में हैं, भारत के साथ-साथ सनातन सभ्यता व संस्कृति भी फलती-फूलती रहेगी और संरक्षित रहेगी।

‘एक्स’ पर अलग-अलग पोस्ट और वीडियो संदेशों में, उन्होंने देश के विभिन्न मंदिरों के संरक्षण और जीर्णोद्धार में मोदी के योगदान को स्वीकार किया और उनके दीर्घायु होने तथा अधिक सशक्त होने की कामना की ताकि वे एक विकसित और समृद्ध भारत बनाने के अपने संकल्प को पूरा कर सकें।

उन्होंने यह भी याद दिलाया कि सोमनाथ मंदिर को विदेशी आक्रमणकारियों के कई हमलों का सामना करना पड़ा और स्वतंत्रता के बाद सरदार वल्लभभाई पटेल और अन्य लोगों के प्रयासों से इसका पुनर्निर्माण किया गया, जो सनातन सभ्यता और संस्कृति की शक्ति का प्रमाण है।

प्रधानमंत्री ने सोमवार को गुजरात के सोमनाथ मंदिर की प्रशंसा करते हुए कहा कि विदेशी आक्रमणकारियों के बार-बार हमलों के बाद इसका पुनर्निर्माण किया गया था और यह भारतीय सभ्यता की अदम्य भावना का प्रतीक है।

मोदी के ब्लॉगपोस्ट की सराहना करते हुए, जूना अखाड़ा के आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानंद गिरि ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, “माननीय प्रधानमंत्री जी, आपका लेख हमें याद दिलाता है कि सोमनाथ केवल एक तीर्थ स्थल नहीं बल्कि भारत की आत्मा का प्रतीक है।”

उन्होंने कहा, “आपका (प्रधानमंत्री मोदी का) लेख आने वाली पीढ़ियों में ऐतिहासिक चेतना और राष्ट्रीय गौरव को जगाने का एक शक्तिशाली माध्यम साबित होगा।”

जूना अखाड़ा के प्रवक्ता स्वामी नारायण गिरि ने देश के विभिन्न मंदिरों के संरक्षण और रखरखाव में मोदी के योगदान की सराहना की, जिसमें अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण और काशी विश्वनाथ पुनर्विकास परियोजना आदि शामिल हैं।

स्वामी अवधेशानंद गिरि ने कहा, “निःसंदेह, सनातन धर्म की आत्मा नरेन्द्र मोदी में बसती है। जब तक नरेन्द्र मोदी हैं, हमारा देश पूरी तरह सुरक्षित है। मैं उनके दीर्घायु और सशक्त होने की कामना करता हूं ताकि वे भारत को, एक सनातन राष्ट्र को, और भी मजबूत बना सकें। उनके नेतृत्व में भारत निश्चित रूप से गौरवशाली, समृद्ध और विकसित देश बनेगा।”

उन्होंने मोदी को स्वामी विवेकानंद का “अवतार” बताते हुए कहा कि प्रधानमंत्री उनके आदर्शों को आगे बढ़ा रहे हैं।

उत्तराखंड में परमार्थ निकेतन के स्वामी चिदानंद सरस्वती; अयोध्या में सरयू आरती के प्रमुख महंत शशिकांत दास; अयोध्या में हनुमान गढ़ी मंदिर के महंत राजू दास; बागेश्वर धाम के स्वामी धीरेंद्र शास्त्री और स्वामी दीपांकर उन अन्य संतों में शामिल रहे जिन्होंने मोदी के ब्लॉगपोस्ट की सराहना की और उनके योगदान को सराहा।

मोदी के लिखे लेख को ‘एक्स’ पर साझा करते हुए आध्यात्मिक गुरु श्री एम ने कहा, “मैं मोदीजी के विचारों से सहमत हूं।”

उन्होंने आगे कहा, “सोमनाथ का ज्योतिर्लिंग दिव्य प्रकाश से बना है और इसे कोई नष्ट नहीं कर सकता। लगभग 1000 साल पहले, महमूद गजनी ने सोमनाथ को तोड़ कर तबाह कर दिया था, जिस दिन को हम आज पीड़ा के साथ याद करते हैं।”

भाषा प्रशांत वैभव

वैभव

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