भारत-चीन रणनीतिक वार्ता में व्यापार संबंधी चिंताओं, एलएसी पर स्थिरता को लेकर रहा ध्यान

भारत-चीन रणनीतिक वार्ता में व्यापार संबंधी चिंताओं, एलएसी पर स्थिरता को लेकर रहा ध्यान

भारत-चीन रणनीतिक वार्ता में व्यापार संबंधी चिंताओं, एलएसी पर स्थिरता को लेकर रहा ध्यान
Modified Date: February 10, 2026 / 10:52 pm IST
Published Date: February 10, 2026 10:52 pm IST

नयी दिल्ली, 10 फरवरी (भाषा) भारत और चीन ने व्यापार से संबंधित ‘‘चिंताओं’’ को दूर करने के तरीकों पर मंगलवार को चर्चा की और अपने संबंधों में समग्र प्रगति के लिए सीमावर्ती क्षेत्रों में शांति बनाए रखने के महत्व को रेखांकित किया।

बातचीत में, विदेश सचिव विक्रम मिस्री और उनके चीनी समकक्ष मा झाओक्सू ने मुख्य रूप से द्विपक्षीय संबंधों को स्थिर करने और पुनर्निर्माण के लिए दोनों पक्षों द्वारा उठाए गए कदमों पर ध्यान केंद्रित किया, जो पूर्वी लद्दाख में चार साल से अधिक समय के सैन्य गतिरोध के बाद गंभीर तनाव में आ गए थे।

चीन के कार्यकारी उप विदेश मंत्री मा ब्रिक्स शेरपा बैठक में भाग लेने के लिए भारत में हैं।

भारत-चीन रणनीतिक वार्ता के ढांचे के तहत आयोजित बैठक में दोनों पक्षों ने एक अद्यतन हवाई सेवा समझौते को अंतिम रूप देने की आवश्यकता को रेखांकित किया।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि दोनों पक्षों ने द्विपक्षीय संबंधों में ‘‘सकारात्मक गति’’ की समीक्षा की और लोगों के बीच आदान-प्रदान को बढ़ाकर तथा ‘‘संवेदनशील मुद्दों पर चिंताओं को दूर करके’’ संबंधों को आगे बढ़ाने के तरीकों पर चर्चा की।

जायसवाल ने ‘‘संवेदनशील मुद्दों’’ के बारे में विस्तार से नहीं बताया, लेकिन समझा जाता है कि भारतीय पक्ष दुर्लभ पृथ्वी खनिजों से संबंधित चीन के निर्यात नियंत्रण उपायों को लेकर चिंतित है।

भाषा आशीष नेत्रपाल

नेत्रपाल


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