नयी दिल्ली, 31 अगस्त (भाषा) रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सोमवार को भारत को नेपाल का करीबी दोस्त और ‘‘सुख-दुख का साथी’’ बताते हुए कहा कि नयी दिल्ली ‘‘हमारे नेपाली भाई-बहनों’’ के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी है।
उन्होंने कहा कि नेपाल में अचानक आई बाढ़ से हुई भारी तबाही के बाद वहां खोज, बचाव और पुनर्वास की कोशिशों में मदद करने के लिए भारत प्रतिबद्ध है।
सिंह ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘नयी दिल्ली स्थित नेपाली दूतावास में गया और शोक पुस्तिका में हस्ताक्षर करके अपनी संवेदना व्यक्त की।’’
उन्होंने लिखा, ‘‘भारत सरकार और भारत के लोगों की ओर से, मैं 26 अगस्त 2026 को अचानक आई बाढ़ से हुई जान-माल की भारी क्षति और तबाही पर नेपाल के लोगों और वहां की सरकार के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करता हूं।’’
उन्होंने कहा कि इस दुखद प्राकृतिक आपदा ने नेपाल के नागरिकों के साथ-साथ भारतीयों सहित कई विदेशी नागरिकों को भी प्रभावित किया है।
अधिकारियों ने बताया कि सोमवार को नेपाल में अचानक आई बाढ़ से मरने वालों की संख्या बढ़कर 903 हो गई है, जबकि लगभग 4,250 लोग अभी भी लापता हैं।
सिंह ने पोस्ट में कहा, ‘‘इस आपदा में जान गंवाने वालों के परिवारों के प्रति हमारी संवेदनाएं और प्रार्थनाएं हैं। हम घायलों के जल्द ठीक होने की कामना करते हैं। एक करीबी दोस्त और साझेदार, और ‘सुख-दुख के साथी’ के तौर पर भारत हमेशा नेपाल के साथ खड़ा रहा है। इस मुश्किल समय में भी हम अपने नेपाली भाई-बहनों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े हैं तथा खोज, बचाव और पुनर्वास की कोशिशों में नेपाल की मदद करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।’’
भाषा सुभाष नरेश
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