भारत ने स्वतंत्र हिंद-प्रशांत क्षेत्र के प्रति प्रतिबद्धता दोहराई

भारत ने स्वतंत्र हिंद-प्रशांत क्षेत्र के प्रति प्रतिबद्धता दोहराई

भारत ने स्वतंत्र हिंद-प्रशांत क्षेत्र के प्रति प्रतिबद्धता दोहराई
Modified Date: July 22, 2026 / 01:52 pm IST
Published Date: July 22, 2026 1:52 pm IST

(तस्वीरों के साथ)

नयी दिल्ली, 22 जुलाई (भाषा) विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने मनीला में चतुष्पक्षीय सुरक्षा संवाद (क्वाड) समूह की बैठक के दौरान कहा कि भारत आसियान समूह के महत्व को स्वीकार करते हुए एक स्वतंत्र और खुले हिंद-प्रशांत क्षेत्र के लिए प्रतिबद्ध है।

बैठक में जयशंकर के अलावा अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो, ऑस्ट्रेलिया की विदेश मंत्री पेनी वोंग और जापान के विदेश मंत्री तोशिमित्सु मोतेगी भी शामिल हुए।

इससे पहले क्वाड देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक मई के अंत में नयी दिल्ली में हुई थी, जब रुबियो भारत की यात्रा पर आए थे।

क्वाड में भारत, अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया और जापान शामिल हैं।

विदेश मंत्री ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर कहा, ‘‘मनीला में क्वाड देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक में भाग लेकर प्रसन्नता हुई। हिंद-प्रशांत परिदृश्य की समीक्षा करने के साथ हाल के घटनाक्रम पर चर्चा की। हाल ही में नयी दिल्ली में हुई बैठक के परिणामों पर भी बातचीत की गई।’’

उन्होंने कहा, ‘‘आसियान के महत्व को स्वीकार करते हुए, हम एक मुक्त और खुले हिंद-प्रशांत क्षेत्र के लिए प्रतिबद्ध हैं।’’

क्वाड देशों के विदेश मंत्री आसियान (दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों का संगठन) से संबंधित बैठकों में भाग लेने के लिए फिलीपीन की राजधानी मनीला में हैं।

आसियान को इस क्षेत्र के सबसे प्रभावशाली समूहों में से एक माना जाता है और भारत तथा अमेरिका, चीन, जापान और ऑस्ट्रेलिया सहित कई अन्य देश इसके संवाद भागीदार हैं।

एक संयुक्त प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया कि क्वाड विदेश मंत्रियों ने एक स्वतंत्र और खुले हिंद-प्रशांत क्षेत्र को मजबूत करने के लिए समूह की प्रतिबद्धता दोहराने और आसियान की एकता और केंद्रीयता के लिए ‘‘अटूट समर्थन’’ व्यक्त करने के वास्ते बैठक की।

क्वाड का यह संकल्प, हिंद-प्रशांत क्षेत्र में शांति और स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए सहयोग बढ़ाने के प्रयासों के बीच आया है।

बयान में कहा गया, ‘‘हम इस क्षेत्र की सफलता और आसियान तथा उसके सदस्य देशों के साथ सहयोग करने के लिए पूरी तरह समर्पित हैं।’’

इसके अनुसार, क्वाड विदेश मंत्रियों ने क्षेत्रीय चुनौतियों के साथ-साथ ‘आसियान आउटलुक ऑन द इंडो-पैसिफिक’ (एओआईपी) के व्यावहारिक कार्यान्वयन के लिए समर्थन मजबूत करने के अवसरों पर भी चर्चा की।

विज्ञप्ति के अनुसार, बैठक में समुद्री और सीमा पार सुरक्षा, आर्थिक समृद्धि एवं सुरक्षा, महत्वपूर्ण तथा उभरती प्रौद्योगिकियों और मानवीय सहायता एवं आपातकालीन प्रतिक्रिया से जुड़ी प्राथमिकताओं पर ध्यान केंद्रित किया गया।

बयान में कहा गया, ‘‘हमारा दृढ़ विश्वास है कि हिंद-प्रशांत समुद्री क्षेत्र में शांति और स्थिरता ही इस क्षेत्र की सुरक्षा और समृद्धि का आधार है।’’

भाषा प्रचेता सिम्मी शफीक

शफीक


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