नयी दिल्ली, 10 फरवरी (भाषा) भारत ने सऊदी अरब में आयोजित विश्व रक्षा प्रदर्शनी (डब्ल्यूडीएस) में पहली बार स्थापित भारतीय मंडप में रक्षा क्षेत्र से संबंधित सार्वजनिक उपक्रमों (डीपीएसयू) और निजी भारतीय कंपनियों की ओर से देश की विनिर्माण क्षमता का प्रदर्शन किया गया।
रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ के नेतृत्व में एक उच्चस्तरीय भारतीय प्रतिनिधिमंडल ने आठ से नौ फरवरी को रियाद में आयोजित विश्व रक्षा प्रदर्शनी में भाग लिया।
मंत्रालय ने एक बयान में कहा, “उन्होंने विश्व रक्षा प्रदर्शनी के उद्घाटन समारोह में अंतरराष्ट्रीय गणमान्य व्यक्तियों के साथ भाग लिया और इसमें पहली बार स्थापित भारतीय मंडप का उद्घाटन किया, जिसमें रक्षा क्षेत्र से संबंधित सार्वजनिक उपक्रमों और निजी भारतीय कंपनियों की ओर से भारत की विनिर्माण क्षमता का प्रदर्शन किया गया।”
संजय सेठ ने सऊदी अरब के कार्यकारी मामलों के सहायक रक्षा मंत्री डॉ. खालिद बिन हुसैन अल-बियारी के साथ दोनों देशों की सशस्त्र सेनाओं के बीच सहयोग और समन्वय बढ़ाने के संबंध में चर्चा की।
बयान में बताया गया कि उन्होंने सऊदी अरब के रक्षा विकास प्राधिकरण के प्रशासक डॉ. फलेह बिन अब्दुल्ला अल-सुलेमान से भी मुलाकात की और इस बात का उल्लेख किया कि भारत वैश्विक निर्यात के केंद्र के रूप में उभर रहा है।
रक्षा राज्य मंत्री ने सऊदी अरब सैन्य उद्योग (एसएएमआई) और सऊदी अरब के रक्षा मंत्रालय की प्रदर्शनी भी देखी और उनके नवीनतम स्वदेशी तकनीकी विकास की समीक्षा की।
रक्षा राज्य मंत्री ने एक साथ मिलकर रक्षा प्रौद्योगिकियों के विकास के अवसरों का पता लगाने के उद्देश्य से प्राधिकरण के अधिकारियों को भारत के अनुसंधान एवं विकास केंद्रों का दौरा करने के लिए आमंत्रित किया।
बयान के मुताबिक, सेठ ने सऊदी अरब के सैन्य उद्योग महानिदेशालय के प्रशासक अहमद बिन अब्दुल अजीज अल-ओहाली से मुलाकात की और रणनीतिक सहयोग के साझा क्षेत्रों तथा दोनों देशों की आपूर्ति श्रृंखला प्रणाली को मजबूत करने के संबंध में चर्चा की।
रक्षा राज्य मंत्री ने यूनेस्को विश्व धरोहर के रूप में विख्यात सऊदी अरब की जन्मस्थली ‘दिरियाह’ का भी दौरा किया।
भाषा जितेंद्र दिलीप
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