नयी दिल्ली, 29 सितंबर (भाषा) कैंसर को लेकर किए गए एक अध्ययन के अनुसार भारत में 2024 में कैंसर के करीब 1.9 लाख मामले यानी कुल मामलों का 12 प्रतिशत मामला संक्रमण से जुड़ा था।
‘द लांसेट ऑन्कोलॉजी’ पत्रिका में प्रकाशित एक वैश्विक विश्लेषण के अनुसार यह कैंसर की रोकथाम में संक्रमण नियंत्रण के महत्व को रेखांकित करता है।
फ्रांस में संयुक्त राष्ट्र की कैंसर एजेंसी ‘इंटरनेशनल एजेंसी फॉर रिसर्च ऑन कैंसर’ (आईएआरसी) के शोधकर्ताओं समेत अन्य शोधकर्ताओं के अनुसार, 2024 में दुनिया भर में कैंसर के अनुमानित 23 लाख नए मामले संक्रमण से जुड़े थे जो उस वर्ष दर्ज किए गए सभी कैंसर मामलों का 12 प्रतिशत है।
विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के अनुमानों के अनुसार, भारत में 2024 में कैंसर के करीब 15,62,581 नए मामले दर्ज किए गए और 9,08,828 लोगों की मौत हुई।
शोधकर्ताओं ने लिखा, ‘‘2024 में दुनियाभर में कैंसर के अनुमानित 23 लाख नए मामले संक्रमण के कारण हुए जो सभी कैंसर मामलों का 12 प्रतिशत है।’’
शोधकर्ताओं की टीम ने 12 रोगजनकों का आकलन किया और पाया कि पेट में संक्रमण पैदा करने वाला बैक्टीरिया हेलिकोबैक्टर पाइलोरी और ह्यूमन पैपिलोमावायरस (एचपीवी) समेत पांच बैक्टीरिया संक्रमण से जुड़े लगभग सभी कैंसर मामलों के लिए जिम्मेदार थे।
हेलिकोबैक्टर पाइलोरी और एचपीवी क्रमश: 7.6 लाख और 7.5 लाख कैंसर मामलों से जुड़े पाए गए जो 2024 में दर्ज सभी कैंसर मामलों का चार-चार प्रतिशत है।
कम और मध्यम आय वाले देशों में कैंसर के कुल मामलों में संक्रमण से जुड़े 77 प्रतिशत मामले पाए गए।
शोधकर्ताओं ने कहा कि ये निष्कर्ष कैंसर की दर कम करने में संक्रमण नियंत्रण के महत्व को रेखांकित करते हैं।
उन्होंने एचपीवी और हेपेटाइटिस-बी के टीकाकरण, एचआईवी, एच पाइलोरी, हेपेटाइटिस-बी और सी की जांच एवं उपचार तथा सुरक्षित इंजेक्शन जैसी प्रभावी लेकिन कम इस्तेमाल की जाने वाली पहलों पर जोर दिया।
शोधकर्ताओं ने कहा कि इनमें से कई उपाय कम लागत वाले और प्रभावी हैं, लेकिन सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक बाधाओं के कारण कई देशों में इनका पर्याप्त इस्तेमाल नहीं हो रहा है।
संक्रमण से जुड़े कैंसर का सबसे अधिक बोझ पूर्वी एशिया में पाया गया जहां 9,90,000 मामले दर्ज किए गए जो दुनिया भर के कुल मामलों का 42 प्रतिशत है।
भाषा सुरभि मनीषा
मनीषा