Teacher Transfer Order 2026: दिवाली से पहले फिर जारी हुआ शिक्षकों का तबादला आदेश, सूची में 1300 से अधिक टीचर्स का नाम शामिल, करीब 200 लोगों का हुआ म्यूचुअल ट्रांसफर / Image: AI Generated
पटना: Teacher Transfer Order 2026 PDF Download लंबे समय से तबाचदले की राह देख रहे शिक्षकों के लिए दिवाली से पहले बड़ी खुशखबरी सामने आई है। दरअसल शिक्षा विभाग ने बड़े पैमाने पर शिक्षकों का तबादला किया है, जिसमें 1300 से अधिक शिक्षकों का नाम शामिल है। बताया जा रहा है कि इनमें से 1194 ऐसे शिक्षकों का तबादला किया अतिशेष थे। इन शिक्षकों को ऐसे स्कूलों में भेजा गया है, जहां केवल एक शिक्षक हैं या तो शिक्षक ही नहीं है। वहीं, 196 शिक्षकों ने म्यूचुअल ट्रांसफर करवाया है।
Teacher Transfer Order 2026 PDF Download जारी आधिकारिक आदेश के अनुसार, सरप्लस शिक्षकों के स्थानांतरण में प्राथमिक से लेकर उच्च माध्यमिक स्तर तक के शिक्षक दायरे में आए हैं। प्राथमिक स्तर (कक्षा 1 से 5) में सर्वाधिक 602 शिक्षकों को नए विद्यालयों में भेजा गया है। इसके अतिरिक्त मध्य स्तर (कक्षा 6 से 8) में 175, माध्यमिक स्तर (कक्षा 9 से 10) में 169 और उच्च माध्यमिक स्तर (कक्षा 11 से 12) में 248 शिक्षकों की पदस्थापना बदली गई है। वहीं, 196 शिक्षकों ने आपसी सहमति के आधार पर अपना विद्यालय बदलवाया है।
स्थानांतरण आदेश के साथ शिक्षा विभाग ने एक और आदेश जारी किया है, जिसमें ये आदेश दिया गया है कि सभी स्थानांतरित शिक्षक तय समय सीमा में नई पदस्थापना वाली जगह पर ज्वॉइन करें। सभी स्थानांतरित शिक्षकों को आगामी 8 अक्टूबर तक अपने आवंटित नए विद्यालयों में हर हाल में योगदान देना होगा। निर्धारित अवधि में पदभार ग्रहण नहीं करने वाले शिक्षकों के विरुद्ध विभागीय स्तर पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। योगदान की प्रक्रिया संपन्न होते ही शिक्षकों का समस्त विवरण ई-शिक्षाकोष पोर्टल और विभागीय सर्विस बुक में अपडेट किया जाएगा।
शिक्षा विभाग ने वेतन भुगतान को लेकर स्थिति पूरी तरह साफ कर दी है। नए विद्यालय में योगदान की तिथि से ही शिक्षकों का वेतन नए पदस्थापन के आधार पर तैयार होगा। पुराने विद्यालय से वेतन आहरण की व्यवस्था पूरी तरह समाप्त कर दी गई है। इसके साथ ही विभाग ने स्पष्ट किया है कि प्रशासनिक स्थानांतरण के तहत नए पदस्थापन स्थल पर जाने के लिए शिक्षकों को कोई यात्रा भत्ता (टीए) देय नहीं होगा। योगदान प्रक्रिया पूरी होने के बाद विभाग प्रखंडवार समीक्षा कर पठन-पाठन की गुणवत्ता का पुनर्मूल्यांकन करेगा।