शिलांग, 20 जून (भाषा) रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शनिवार को राष्ट्रीय एकता के प्रतीक के तौर पर भारतीय सशस्त्र बलों की भूमिका को रेखांकित किया। सिंह ने कहा कि संस्थान द्वारा विविधता को अपनाने और महिला कर्मियों की बढ़ती संख्या से समानता और स्थायी सांस्कृतिक मूल्यों के प्रति भारत की प्रतिबद्धता का पता चलता है।
यहां वायुसेना की पूर्वी कमान के मुख्यालय में कर्मियों को संबोधित करते हुए सिंह ने कहा कि रक्षा बल एक ऐसी संस्था का प्रतिनिधित्व करते हैं जहां अलग-अलग पृष्ठभूमि के लोग देश की सेवा के लिए एक साथ आते हैं, जिससे आपसी सम्मान और एक साझा उद्देश्य की भावना को बढ़ावा मिलता है।
उन्होंने कहा, ‘‘रक्षा बल राष्ट्रीय एकता का प्रतीक हैं। वे एक ऐसी संस्कृति को दर्शाते हैं जिसमें अलग-अलग विचार फलते-फूलते हैं, अहम मूल्य बरकरार रहते हैं और आपसी सम्मान स्वाभाविक रूप से पनपता है।’’
सेना में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी का ज़िक्र करते हुए रक्षा मंत्री ने कहा कि उनकी बढ़ती भूमिका न केवल संस्थागत प्रगति को बल्कि देश की गहरी सांस्कृतिक सोच को भी दर्शाती है।
सिंह ने कहा, ‘‘रक्षा बलों में महिलाओं की बढ़ती भूमिका केवल संस्थागत प्रगति से कहीं अधिक है। यह उन सांस्कृतिक मूल्यों का प्रमाण है जिनके लिए भारत दुनिया भर में जाना जाता है। यह दिखाता है कि आधुनिकता को अपनाते हुए भी हमारी संस्कृति अपने मूल सिद्धांतों पर मज़बूती से टिकी हुई है।’’
उन्होंने कहा कि सशस्त्र बल समावेशिता, अनुशासन और समर्पण का उदाहरण पेश करते रहते हैं, जिससे नागरिकों में भरोसा बढ़ता है और देश की एकता व सुरक्षा मजबूत होती है।
इस मौके पर वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल ए पी सिंह, एयर मार्शल इंदरपाल सिंह वालिया (वायुसेना की पूर्वी कमान के एयर ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ) और वायु सेना के अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।
रक्षा मंत्री रविवार को शिलांग में वायुसेना के पूर्वी कमान के मुख्यालय में सैनिकों के साथ अंतरराष्ट्रीय योग दिवस भी मनाएंगे।
भाषा संतोष अविनाश
अविनाश