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नई दिल्ली : Ayodhya Ram Mandir Donation Scam, राम नाम की लूट है, लूट सके तो लूट। कबीर का ये दोहा भले आध्यात्मिक संदेश देता हो, लेकिन अयोध्या में सामने आए चढ़ावा चोरी के आरोपों ने इस कहावत को नए और विवादित मायने दे दिए हैं। सवाल ये है कि क्या रामलला के नाम पर चढ़े दान में सचमुच किसी ने सेंध लगाई..या फिर आरोपों के पीछे कोई और कहानी है ? जवाब तलाश रही है SIT, जिसकी रिपोर्ट अब सीधे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के पास पहुंचने वाली है
राम मंदिर आंदोलन से लेकर निर्माण और उद्घाटन तक बीजेपी ने हर मौके को एक इवेंट के तरह पेश किया। जनता को ये भरोसा दिलाया कि अगर बीजेपी न होती तो राम मंदिर निर्माण असंभव था लेकिन अब इसी राम मंदिर के चढ़ावे पर चोरी के आरोपें में बीजेपी घिरती नजर आ रही है विपक्ष इस आस्था के मुखौटे के पीछे चोरी की साजिश बता रही है। इस बीच अयोध्या पहंचकर रामलला के दर्शन के बाद सीएम योगी आदित्यनाथ दो टूक कह चुके हैं कि 15 दिन में सब दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा।
चोरी की जांच के छठे दिन भी SIT मंदिर परिसर पहुंची करीब एक हफ्ते की पड़ताल के बाद टीम अब लखनऊ लौटने की तैयारी में है। सूत्रों के मुताबिक 150 संदिग्धों के नाम सामने आए हैं 2 करोड़ रुपये की रिकवरी हो चुकी है और करीब 25 लोगों पर कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है.
सूत्रों का दावा है कि ट्रस्ट महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा को पद से हटाने पर विचार किया जा रहा है जबकि निर्माण प्रभारी गोपाल राव पर भी कार्रवाई की तलवार लटक रही है। शुक्रवार को SIT ने इन तीनों से अलग-अलग पूछताछ की साथ ही SBI के अधिकारियों से भी सवाल-जवाब किए।
जांच के दौरान एक के बाद एक ऐसे खुलासे भी सामने आए हैं जिन्होंने मामले को और गंभीर बना दिया है। मुंबई के कारोबारी अनिल विश्वकर्मा ने दावा किया कि उन्होंने रामलला को 3 किलो चांदी का हार और 1 किलो की चरण पादुका भेंट की थी..लेकिन उन्हें कभी रसीद नहीं मिली..वहीं इंडियन बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन ने भी 60 किलो चांदी की ईंटों और दूसरे दानों का हिसाब मांगा है.
विपक्ष जहां लगातार सरकार और ट्रस्ट को घेर रहा है. . बीजेपी दोषियों को नहीं बख्शने की बात दोहरा रही है। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या रामलला के नाम पर आए चढ़ावे में सचमुच सेंध लगी ?..क्या ट्रस्ट के बड़े पदाधिकारियों तक जांच की आंच पहुंचेगी?..और क्या मुख्यमंत्री योगी की मेज पर पहुंचने वाली SIT रिपोर्ट के बाद बड़े एक्शन का रास्ता साफ होगा?..फिलहाल पूरे देश की नजर अयोध्या से लखनऊ जाने वाली इसी रिपोर्ट पर टिकी है।