NEET Controversy: भोपाल: 21 जून को होने वाले NEET Re-Exam को लेकर जहां मध्यप्रदेश के 30 जिलों के 283 परीक्षा केंद्रों को अभेद्य सुरक्षा कवच में बदलने का काम जारी है, तो नीट के एग्जाम को लेकर सूबे का सियासी पारा भी चढ़ गया है। एमपी के परीक्षा केंद्रों पर प्रशासन- CCTV कैमरों की निगरानी, जैमर की व्यवस्था समेत हर गतिविधि पर कड़ी नजर रख रहा है। (NEET Controversy)सभी केंद्रों पर विशेष घड़ियां भी भेजी गई हैं। सुरक्षा के लिहाज़ से CRPF के जवानों की तैनाती की गई है। साइबर सेल पूरी तरह अलर्ट मोड पर है..इसे साथ ही साइबर सेल की विशेष विंग और 44 साइबर कमांडो ऑनलाइन और ऑफलाइन गतिविधियों पर नजर रख रहे हैं, लेकिन एग्जाम के पहले एमपी में कांग्रेस-बीजेपी के बीच वार-पलटवार शुरू हो गया। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि-बीजेपी नेता खुद पेपर लीक करते हैं और पैसा कमाते हैं।
इधर कांग्रेस के आरोपों का पलटवार करते हुए बीजेपी ने कहा कि- कांग्रेस के कुछ नेताओं का मानसिक संतुलन बिगड़ गया है। (NEET Controversy) सरकार ट्रांसपेरेंसी के साथ हर एग्जाम कराने के लिए प्रतिबद्ध है।
NEET Controversy: लेकिन सवाल ये कि आखिर NEET को सियासी अखाड़े में क्यों घसीटा जा रहा है? सवाल ये कि- एग्जाम से ठीक पहले क्या इससे स्टूडेंट्स के मन में प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ेगा? सवाल ये भी कि- कांग्रेस के आरोपों में क्य़ा कोई सच्चाई भी है? सबसे बड़ा सवाल ये कि- बेसिरपैर के आरोप लगाना क्या हमारे नेताओं का शगल बन गया है?